अखरोट का पेड़ काटने के लिए मजिस्ट्रेट ने मांगी घूस, गिरफ्तार

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad
ख़बर शेयर करें -

श्रीनगर : जम्मू और कश्मीर में अखरोट के पेड़ कटवाने की एवज में मजिस्ट्रेट ही घूस मांगने लगा शिकायत पर ACB ने गिरफ्तार किया है. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर में बारामूला जिले में की गिरफ़्तारी. यहाँ के चुकर इलाके के एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट को रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है. एसीबी के मुताबिक, आरोपी हबीबुल्लाह मीर ने शिकायतकर्ता से 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।

जांच एजेंसी के मुताबिक “एसीबी को एक शिकायत मिली थी, जिसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि हबीबुल्ला मीर जो बारामूला के कुंजर टेन्सिल में चुकर के नायब तहसीलदार हैं, ने उन्हें अखरोट के पेड़ को काटने की अनुमति देने के लिए 30,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी।”

ALSO READ:  UK : कोरोनेशन हॉस्पिटल में झगड़े की घटना के वायरल वीडियो का मामला, अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध दर्ज हुआ अभियोग

दरअसल, “शिकायतकर्ता ने एक अखरोट के पेड़ को हटाने के लिए हबीबुल्लाह मीर से एक आवेदन के साथ संपर्क किया, जिसे तहसीलदार कुंजर के माध्यम से स्थानांतरित किया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार पेड़ बहुत पुराना था और यह कभी भी गिरने वाला था। इस कारण से पेड़ की वजह से शिकायतकर्ता के घर या परिवार के सदस्यों को नुकसान की आशंका थी।” एसीबी ने कहा, “इसलिए, उन्होंने पेड़ काटने की अनुमति के लिए अधिकारियों से संपर्क किया। संबंधित नायब तहसीलदार हबीबुल्ला मीर ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद 30,000 रुपये की रिश्वत मांगी।”

ALSO READ:  UK :स्नेचिंग की घटनाओं को अंजाम देने वाले "आटो गैंग" के 2 सदस्यों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

लेकिन “राशि को बाद में 20,000 रुपये में तय किया गया था। शिकायतकर्ता ने हबीबुल्लाह के खाते में 10,000 रुपये जमा भी किए थे।”आपको बता दें,  जम्मू और कश्मीर में, अखरोट के पेड़ों को भूमि के कानून के तहत संरक्षित किया गया है और केंद्र शासित प्रदेश में इसकी कटाई अवैध है। जब तक कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा कानूनी रूप से कटाई के लिए अनुमति नहीं मिलती है, तब तक इन्हें काटा नहीं जा सकता। जम्मू और कश्मीर अभी केंद्र शासित प्रदेश है.

Ad Ad Ad

Related Articles

हिन्दी English