ऋषिकेश एम्स का 23 अप्रैल गुरुवार को 6वां दीक्षांत समारोह,छात्र उपराष्ट्रपति के हाथों पाएंगे मैडल
एक छात्रा को 6 मैडल मिलेंगे दीक्षांत समारोह में

- मंगलवार को सुरक्षा की दृष्टि से एयर फ़ोर्स और अन्य सरकार की एजेंसियों ने ट्रायल भी किया एम्स परिसर में
- MI 18 की गूँज सुनाई दे रही थी परिसर में, दो हेलीकाप्टर उतरे और फिर यहाँ से टेक ऑफ कर गए
- ऋषिकेश नगर निगम की टीम भी पहुंची थी, नगर आयुक्त के नेतृत्व में तैयारियों के मद्देनजर
ऋषिकेश : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, ऋषिकेश में बृहस्पतिवार 23 अप्रैल गुरुवार को 6वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह में देश की विशिष्ट हस्तियों की उपस्थिति प्रस्तावित है। इस अवसर पर भारत के उप-राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाएंगे। साथ ही, उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) एवं उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विशिष्ट अतिथि एवं अनुप्रिया पटेल, केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, रसायन एवं उर्वरक), भारत सरकार (Guest of Honour) के रूप में उपस्थित रहेंगे।

मंगलवार को एम्स परिसर में समारोह को लेकर कार्यकारी निदेशक एम्स प्रोफेसर डॉ. मीनू सिंह जी एवं डीन एकेडमिक प्रो. डॉ. सौरभ वार्ष्णेय की पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। जिसमें उन्होंने कहा कि यह दीक्षांत समारोह न केवल विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि देश को समर्पित, सक्षम एवं नैतिक स्वास्थ्य पेशेवरों के निर्माण की दिशा में एम्स ऋषिकेश की प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है।कार्यकारी निदेशक ने बताया कि छठवें दीक्षांत समारोह में संस्थान के विभिन्न पाठ्यक्रमों के 386 छात्र-छात्राओं को डिग्री प्रदान की जाएगी।
दीक्षांत समारोह में एमबीबीएस (बैच 2019 सहित पूर्व बैच के 2 छात्र), बी.एससी. नर्सिंग (बैच 2021), एमडी/एमएस/एमडीएस (बैच जुलाई 2022 एवं जनवरी 2023), एम.एससी. नर्सिंग (बैच 2023), एम.एससी. मेडिकल (बैच 2022), एमपीएच (बैच जनवरी 2024), डीएम/एम.च. (बैच जुलाई 2022 एवं जनवरी 2023) तथा पीएचडी के विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी।उन्होंने बताया कि इस अवसर पर कुल 23 पदक प्रदान किए जाएंगे, जिनमें विभिन्न पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 13 स्वर्ण, 5 रजत एवं 5 कांस्य पदक शामिल हैं।
उनके मुताबिक इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों को 21 ‘सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस’, 5 ‘सर्टिफिकेट ऑफ अप्रिसिएशन’ तथा 13 ‘सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर’ भी प्रदान किए जाएंगे।उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा पदक (07) पाने वाले एमबीबीएस के छात्र डॉ. देवांग अग्रवाल हैं, जिनको 07 सर्टिफिकेट ऑफ़ ऑनर एवं 01 सर्टिफिकेट ऑफ़ एक्सीलेंस भी मिल रहा है। वहीँ, दूसरे स्थान पर पदक (02) पाने वाली छात्रा डॉ. रश्मीत कौर हैं, जिनको 02 सर्टिफिकेट ऑफ़ एप्रीसिएशन एवं 03 सर्टिफिकेट ऑफ़ ऑनर भी मिल रहे है। कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह जी ने संस्थान की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए एम्स, ऋषिकेश की तेज़ी से विकसित होती क्लिनिकल सेवाओं, शिक्षा एवं अनुसंधान क्षमताओं पर प्रकाश डाला जाएगा। बताया गया कि संस्थान वर्तमान में 49 विभागों के माध्यम से सुपर-स्पेशियलिटी एवं उभरते स्वास्थ्य क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान कर रहा है।
एम्स, ऋषिकेश ने स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार को बढ़ावा देते हुए टेलीमेडिसिन, डिजिटल हेल्थ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एरोमेडिकल सेवाएं तथा HEMS जैसी पहलें शुरू की हैं, जो विशेषरूप से पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही हैं।संस्थान ने अब तक 1.5 लाख से अधिक सर्जरी, 7,000 से अधिक नवजात उपचार तथा हजारों टेलीमेडिसिन परामर्श सफलतापूर्वक संपन्न किए हैं, जो क्षेत्र में बढ़ते विश्वास और संस्थान की उत्कृष्ट सेवाओं को दर्शाते हैं।



