UK : रायवाला में इसी महीने होगा गौशाला निर्माण का काम शुरू, 5 करोड़ का बजट मिलेगा : शम्भू पासवान, मेयर
- इसी महीने निगम को मिलेगा ५ करोड़ का बजट : शम्भू पासवान
- रायवाला में जमीन कब्जे में ले ली है नगर निगम ऋषिकेश ने
- गौ शाला का निर्माण शुरू कर दिया जायेगा : शम्भू पासवान
ऋषिकेश :नगर निगम ऋषिकेश महापौर शम्भू पासवान ने जानकारी देते हुए बताया,जल्द हम गौ वंश को लेकर हम कांजी हाउस/गौशाला का निर्माण करने जा रहे हैं रायवाला में. हमने जगह चिन्हित कर उसको अपने कब्जे में ले लिया है. अब जल्द निर्माण शुरू होने जा रह है. निर्माण शुरू होने के बाद जो गौ वंश सड़कों, गलियों, हाइवे पर घूमते हैं उनको शिफ्ट किया जा सकेगा. लम्बे समय से ऋषिकेश की इस गंभीर समस्या पर काफी हद तक हम पार पा सकेंगे. ऐसा मुझे यकीन है. मायाकुंड पहुंचे एक कार्यक्रम में पासवान ने “नेशनल वाणी” (हिंदी) से बात करते हुए बताया, इसी महीने कांजी हाउस /गौशाला के लिए ५ करोड़ (पांच करोड़) रुपये का बजट जारी हो जायेगा शासन से. जैसे ही बजट आता है निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.
साथ ही पासवान ने कहा, चार धाम यात्रा शुरू होने वाली है. उसको भी देखते हुए यह सब काम किया जा रहा है. सडक बाधित न हो, रास्ता बाधित न हो और लोगों को कोई नुक्सान न हो…इस बात को ध्यान में रखते हुए गौ वंश को शिफ्ट किया जा सकेगा. हमें ख़ुशी है गौ वंश को एक उचित स्थान मिलने के बाद इस समस्या से हम निजात पा सकेंगे. उल्लेखनीय है, तीर्थ नगरी में गौ वंश के कारण कई लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं और कई घायल हुए हैं, साथ ही किसानों की फसल को भी नुक्सान पहुंचा देते हैं. सडक पर जाम लगना आम बात है.वर्तमान में ऋषिकेश की बड़ी समस्या है यह. उम्मीद है इस बार निगम सफल होगा इनको शिफ्ट करने में. उल्लेखनीय है, इससे पहले कई महीने पहले सुरेंद्र मोगा (उपाध्यक्ष,पशु कल्याण बोर्ड उत्तराखंड सरकार) ने २४ सितम्बर को नगर निगम ऋषिकेश कार्यालय में मंडल अध्यक्ष मनोज ध्यानी और निगम के मेयर शम्भू पासवान के साथ एक प्रेस कांफ्रेंस कर ३ महीने के अन्दर सभी गौ वंशों को ऋषिकेश से शिफ्ट करने की बात कही थी. लेकिन ढाक के तीन पात…जैसी उम्मीद थी वैसा ही हुआ. न गौ वंश शिफ्ट हुए न उसके बाद एक बार छोड़ कर कोई कार्रवाई अम्ल में लायी गयी. ६० करोड़ का बजट जारी हुआ था ऐसा उन्हूने ऐलान किया था प्रेस कांफ्रेंस में. उन्हूने कहा था, 60 करोड़ रुपये मिल गए हैं बोर्ड को राज्य सरकार की तरफ से. जिसमें से वर्तमान में 21 करोड़ 44 लाख 73, 480 का बजट गौसदनों को अवमुक्त कर दिया गया है यानी दे दिया गया है. बाकी कहाँ गया वह बजट, कैसे खर्च हुआ या होगा…फिलहाल कोई सार्वजनिक जवाब नहीं है. खैर, अब निगम लगा हुआ है देखते हैं कितनी सफलता इसमें मिलती है..अगर पासवान इसको करवा पाते हैं सफलतापूर्वक तो यह उनके राजनीतिक बायोडाटा में एक चमकीला बिंदु साबित होगा.



