UK :अन्तराष्ट्रीय योगाचार्य ओम योगी विशाल भारद्वाज ने अपना पांचवां विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर इतिहास रचा, जानिए

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  • रुद्रप्रयाग में अध्यनरत हैं युवा योगी, कई रिकॉर्ड बना चुके हैं ओम योगी जिनका असली नाम विशाल भारद्वाज है 
  • मेरठ के मूल रूप से निवासी, वर्तमान में देवभूमि  उत्तराखंड में योग में साधनारत हैं युवा योगी 
  • इंटरनेशनल योग फेस्टिवल में उन्हूने माथे पर दिया रख कर योग किया, जो रिकॉर्ड है 
  • योगी का कहना है, मैं अपनी संस्कृति को बचाने के लिए योग करना चाहता हूँ,शोर्ट कट  पैसे कमाने के लिए नहीं  
  • कई योग क्रियावों में है निपुण, ओम योगी, देश में कई जहा कमा चुके हैं नाम योग के तहत 
ऋषिकेश : (मनोज रौतेला) अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव ऋषिकेश के पावन एवं वैश्विक मंच पर योग की महान परंपरा को एक नई ऊंचाई देते हुए अंतर्राष्ट्रीय योगाचार्य ओम योगी विशाल भारद्वाज ने अपना पांचवां विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर इतिहास रच दिया।अद्भुत साधना, अटूट एकाग्रता और असाधारण साहस का परिचय देते हुए ओम योगी ने माथे पर प्रज्वलित दीपक रखकर मात्र 2 मिनट में 25 योगासन पूर्ण किए और विश्व पटल पर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह दृश्य उपस्थित सभी दर्शकों के लिए आश्चर्यजनक और प्रेरणादायक रहा—मानो योग की दिव्य शक्ति स्वयं प्रकट हो उठी हो। योगी मेरठ के निवासी हैं. कई वर्षों से उत्तराखंड में योग कर रहे हैं. उनका कहना है वे संस्कृति बचाने  के लिए योग करना चाहते हैं न की पैसा कमाने के लिए. युवाओं को स्वास्थय के प्रति जागरूक करना चाहते हैं.
इस भव्य आयोजन में ओम योगी विशाल भारद्वाज विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित रहे, जहां उन्होंने अपने अद्वितीय प्रदर्शन से पूरे मंच को गौरवान्वित कर दिया। जहां ओम योगी के योग के क्षेत्र में कार्य को देखते हुए उन्हें इसी मंच पर अंतर्राष्ट्रीय योग रत्न पुरस्कार 2026 से अलंकृत किया गया। यह कार्यक्रम ऋषिकेश के पावन गंगा तट पर स्थित गंगा रिजॉर्ट ऋषिकेश में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पुष्कर सिंह धामी (मुख्यमंत्री उत्तराखंड), लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (उत्तराखंड राज्यपाल) सतपाल महाराज (पर्यटन मंत्री उत्तराखंड), अंतर्राष्ट्रीय योग गुरु स्वामी जितानंद महाराज जी, श्री अवधेशानंद गिरि जी महाराज,श्री श्री रविशंकर स्वामी जी एवं देश की महान विभूतियाँ, योगाचार्य, योगी, साधु-संत, संन्यासी, फिल्मी अभिनेता एवं अभिनेत्रियाँ तथा देश-विदेश से आए सभी योग साधकों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।यह भव्य आयोजन उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड एवं गढ़वाल मंडल विकास निगम द्वारा उत्तराखंड सरकार के सहयोग से संपन्न हुआ, जिसने योग को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान देने का कार्य किया।मैं इस विजय को अपनी माता श्री उमा देवी और अपने योग गुरु स्वामी जितानंद महाराज जी एवं ज्ञान गुरु अंकुर वत्स गुरुजी के श्रीचरणों में समर्पित करता हू।
ओम योगी विशाल भारद्वाज इससे पूर्व भी अनेक विश्व कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं और विभिन्न प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित हो चुके हैं। उनका जीवन केवल उपलब्धियों तक सीमित नहीं, बल्कि एक महान आध्यात्मिक अभियान है—जिसके माध्यम से वे योग को आध्यात्मिकता से जोड़ते हुए भारत की प्राचीन विद्या को देश के कोने-कोने और विदेशों तक पहुंचा रहे हैं।निशुल्क योग शिविरों के माध्यम से वे विद्यालयों, गुरुकुलों, उद्यानों और विश्वविद्यालयों में युवाओं को प्रेरित कर रहे हैं, उन्हें स्वास्थ्य, अनुशासन और आत्मबोध की दिशा में अग्रसर कर रहे हैं।
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