UK : शिक्षा, संस्कृति और मूल्यबोध पर केंद्रित कार्यक्रम में अतिथियों का सम्मान

ऋषिकेश : उत्तराखंड के प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, सुविख्यात प्रशासक एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लंबे अनुभव वाले प्रोफेसर कमल किशोर पाण्डेय की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कृति और मूल्यबोध से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। प्रोफेसर पाण्डेय ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए राज्य की शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रोफेसर कमल किशोर पाण्डेय ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना होना चाहिए। उन्होंने गुणवत्ता-युक्त, शोध-आधारित और मूल्यनिष्ठ शिक्षा प्रणाली को समय की आवश्यकता बताया।संजय कुमार, प्रवक्ता रसायन विज्ञान, पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज भोगपुर रसायन विज्ञान की प्रयोगात्मक के परीक्षक के रूप में आए संजय ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रयोगात्मक और व्यावहारिक शिक्षा से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना विकसित होती है। उन्होंने शिक्षकों से विषय के साथ-साथ अनुशासन और संस्कारों पर भी विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।दयाराम वार्ष्णेय (आदर्श स्वयंसेवक) ने कहा कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था की जड़ें संस्कृति और संस्कारों में निहित हैं। उन्होंने शिक्षा को भारतीय ज्ञान परंपरा और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों को अंगवस्त्र पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया, जबकि दयाराम वार्ष्णेय को सम्मान से पृथक रखते हुए उनके विचारों की विशेष रूप से सराहना की गई।कार्यक्रम का संचालन रामगोपाल रतूड़ी ने किया।कार्यक्रम में नन्द किशोर भट्ट, वीरेन्द्र कंसवाल, सतीश चौहान, विनय सेमवाल, नरेन्द्र खुराना एवं रीना गुप्ता सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



