UK :गुरमत संगीत बाल विद्यालय, ऋषिकेश ने गोल्डन जुबली आयोजन कर एक मजबूत नींव रखी भविष्य के लिए
- किसी भी विद्यालय के लिए 50 वर्ष पूरे करने गर्व की बात है
- गुरमत संगीत बाल विद्यालय से जो टेलेंट निकलता है वह आगे जा कर कोई रागी, कोई वाद्य यंत्रों का उस्ताद बन कर अपने फन का मास्टर बनता है
- दो दिन (शनिवार और रविवार) को शानदार आयोजन कर एक शानदार तस्वीर रखी है , विद्यालय को चलाने वाले ट्रस्ट ने
ऋषिकेश :(मनोज रौतेला) गोल्डन जुबली आयोजन….जी हाँ, गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के तत्वावधान में संचालित गुरमत संगीत बाल विद्यालय, ऋषिकेश ने अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे कर लिए. रविवार का दो दिवसीय समारोह संपन्न हुआ. आपको बता दें, दिनांक 21 व 22 फरवरी को भव्य स्वर्ण जयंती समारोह (गोल्डन जुबली) का आयोजन हुआ.
आपको बता दें, सन् 1976 में स्थापित इस पूर्णतः निःशुल्क आवासीय विद्यालय ने वंचित एवं गरीब परिवारों के बच्चों को उच्च स्तरीय शिक्षा, गुरमत संगीत का गहन प्रशिक्षण तथा समग्र व्यक्तित्व विकास प्रदान करके सिख मूल्यों—सेवा, समानता और सशक्तिकरण—का जीवंत प्रतीक बनकर उभरा है। अब तक इस विद्यालय से सैकड़ों छात्र निकल चुके हैं शिक्षा ग्रहण कर. देश विदेश में वे अपनी सेवा दे रहे हैं. यह स्वर्ण जयंती समारोह अत्यंत पावन एवं ऐतिहासिक हुआ. क्यूंकि 50 वर्ष पूरे कर लिए हैं..यानी गोल्डन जुबली आयोजन. आयोजन में जिसमें पूर्व छात्र (एल्यूमनी), वर्तमान छात्र, शिक्षक, स्टाफ, अभिभावक, सम्मानित अतिथिगण, संत-महात्मा, संगत एवं शुभचिंतक बड़ी संख्या में भाग लेने पहुंचे. समारोह में गुरु साहिब की वाणी, शबद कीर्तन, गुरमत संगीत प्रस्तुतियां, स्मृति सभा एवं विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए. जो संस्था की 50 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों एवं भावी दिशा को उजागर कर रहे थे. देहरादून से आये पूर्व छात्र सरदार अजय सिंह ने “नेशनल वाणी” हिंदी से बात करते हुए कहा, हमारे समय में और अब बहुत बदलाव हो गया है. अब आधुनिकता, नयी नयी वाद्य यन्त्र भी आ गए हैं. बिंद्रा जी के आने के बाद काफी बदलाव हुआ है. अजय सिंह दूसरे बीच के छात्र रहे हैं. उन्होने कहा, हमें गर्व और ख़ुशी है विद्यालय ने ५० साल पूरे कर लिए हैं. यानी गोल्डन जुबली मना रहे हैं. आज हम भी आये हैं. इस अवसर पर कुछ पूर्व छात्रों से मिलकर ख़ुशी हुई. पुरानी यादें ताजें हुई. गुरु घर आना भी हो गया.





