UK :गदरपुर भाजपा विधायक अरविन्द पांडे ने किया आग्रह नेताओं को, अभी न आएं गूलरभोज,लेकिन हजारों कार्यकर्ता पहुंचे

- भाजपा इस प्रकरण को कैसे मैनेज करती है यह देखने वाली बात होगी
- भाजपा के चाणक्य अमित शाह आज उत्तराखंड में ही थे, दूसरी तरफ ऐसा मामला होना कहीं न कहीं एक सन्देश जरुर गया है देहरादून से लेकर दिल्ली तक
- मदन कौशिक और अरविन्द पांडे दोनों ही सरकार में नहीं हैं केवल विधायक हैं
- दोनों ही त्रिवेन्द्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं
- लेकिन कैंप कार्यलय में नोटिस चस्पा होने के बाद मामला और तीव्र हो गया
- अब पांडे के परिवार के लोगों खिलाफ बाजपुर में मुक़दमा दर्ज किया गया है
- इससे एक बात तय है, संगठन, राज्य सरकार के लिए यह चुनौती तो है ही,
- सन्देश साफ़ गया है राज्य भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है

रुद्रपुर : भारतीय जनता पार्टी के चाणक्य कहे जाने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज हरिद्वार में थे. वे अपने दो दिवसीय दौरे पर कल शाम ऋषिकेश पहुंचे थे और फिर हरिद्वार. आज वापस वे दिल्ली रवाना हो गए. लेकिन हरिद्वार से उड़नखटोला (हेलीकाप्टर) तैयार था उड़ने के लिए हरिद्वार से गूलरभोज के लिए…..लेकिन ठीक वक्त पर केंद्रीय संगठन की एंट्री से मामला रुक तो गया लेकिन शांत नहीं हुआ…एक बात तय है. भाजपा में अब कुछ ठीक नहीं चल रहा है….गूलरभोज प्रकरण से कम से कम तो यही लगता है. .. गूलरभोज अचानक उतराखंड की राजनीती में चर्चा में आ गया. गुरुवार को कम से कम तो यही लगा…..गदरपुर से त्रिवेन्द्र सरकार में पूर्व मंत्री रहे और वर्तमान में भाजपा विधायक अरविन्द पांडे इस विषय पर केंद्र बिंदु पर रहे. निवास भी उन्ही का था. कैंप कार्यालय !! ऐसे में अरविंद पांडे ने भाजपा नेताओं को गदरपुर आने से भी रोका. अरविंद पांडे ने कहा उन्होंने स्वयं वरिष्ठ नेताओं और विधायकों से आग्रह किया था कि इस समय गदरपुर आना उचित नहीं है. इससे पहले डीडीहाट विधायक बिशन सिंह चुफाल ने कैंप कार्यालय पहुँच राजनीतिक खिचड़ी को हवा दे दी थी….उसके बाद आज त्रिवेन्द्र सिंह रावत, अनिल बलूनी, पूर्व मंत्री व प्रदेश अध्यक्ष भाजपा और वर्तमान में हरिद्वार से विधायक मदन कौशिक गूलरभोज पहुँचने वाले थे. लेकिन सोशल मीडिया, मीडिया में उनके आने की खबर प्रसारित, प्रचारित होने के बाद उनका दौरा रद्द किया गया. उसके बाद कहन न कहीं संगठन और सरकार में लोगों की फोनबाजी शुरू हुई और कही न कहीं एक दूसरी तरह का सन्देश राजनीतिक गलियारों से हो कर आमजन तक गया….इस दौरान अरविन्द पांडे के आवास पर हजारों कार्यकर्ता एकत्रित हो गये. दिन भर अलग-अलग तरह के कयास लगाए गए. लेकिन शाम होते होते नेताओं का आना रद्द हुआ और अरविन्द पांडे की प्रतिक्रया भी सामने आई….जो इस प्रकार है…पढ़िए…
=================




