देहरादून :राष्ट्रीय खेल दिवस पर योगासन खिलाड़ियों का भव्य सम्मान, उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने रचा इतिहास

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  • योग से राष्ट्र गौरवान्वित: राष्ट्रीय खेल दिवस पर योगासन खिलाड़ियों का भव्य सम्मान, उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने रचा इतिहास
देहरादून :  योगाचार्य डॉ. जयदीप आर्य जी, महासचिव वर्ल्ड योगासन एवं योगासन भारत के मार्गदर्शन में, योगासन भारत – राष्ट्रीय खेल महासंघ जिसे युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त है, के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर, देहरादून के परेड ग्राउंड में अड़तीसवें राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेता उत्तराखंड योगासन खेल संघ के खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह न केवल खिलाड़ियों के समर्पण का उत्सव था, बल्कि आम जनमानस को योग अपनाने के लिए प्रेरित करने का एक बड़ा माध्यम भी बना। यह कार्यक्रम साबित करता है कि योग केवल एक शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि एक प्रतिष्ठित खेल है जो सम्मान और पहचान दिलाता है।
सम्मान समारोह और प्रोत्साहन-
इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्य जी तथा उत्तरांचल ओलंपिक संघ के अध्यक्ष और सचिव द्वारा खिलाड़ियों को नकद राशि देकर सम्मानित किया गया। उनकी उपस्थिति ने यह दर्शाया कि सरकार और खेल संगठन दोनों ही योग के क्षेत्र में खिलाड़ियों के योगदान को कितना महत्व देते हैं।
अजय वर्मा: ₹13.2 लाख
हर्षित भाटी: ₹13.2 लाख
शशांक शर्मा: ₹11.7 लाख
प्रियांशु: ₹11.7 लाख
रोहित यादव: ₹7.2 लाख
दीपक यादव: ₹8 लाख
विशाल द्विवेदी: ₹8 लाख
यह सम्मान योग प्रतिभागियों और सभी योग प्रेमियों के लिए गर्व का विषय रहा। उत्तराखंड योगासन खेल संघ के अध्यक्ष, प्रोफेसर ईश्वर भारद्वाज ने सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं। योगासन के सचिव, श्री रंजीत सिंह ने इस सराहनीय कार्य के लिए उत्तराखंड सरकार, ओलंपिक संघ और योगासन भारत का आभार व्यक्त किया।
योग से जुड़ें और जीवन बदलें-
इस सम्मान समारोह ने आम लोगों को योगासन को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करने का अवसर दिया। समारोह में देव संस्कृति विश्वविद्यालय और पदक विजेता खिलाड़ियों द्वारा प्रस्तुत किए गए आकर्षक योगासन ने यह सिद्ध कर दिया कि योग केवल शांति और लचीलेपन के लिए नहीं है, बल्कि यह एक प्रतिस्पर्धी खेल भी है जिसमें कड़ी मेहनत, समर्पण और अनुशासन की आवश्यकता होती है।यह आयोजन एक स्पष्ट संदेश देता है कि योगासन के क्षेत्र में करियर बनाना संभव है और यह सम्मानजनक भी है। यह युवाओं को प्रोत्साहित करेगा कि वे योग को केवल एक शौक के रूप में न देखें, बल्कि इसे एक ऐसी विधा के रूप में अपनाएँ जो न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी दिला सकती है।
भविष्य की प्रतियोगिताएँ-
सचिव रंजीत सिंह ने बताया कि अगली राज्य स्तरीय योगासन प्रतियोगिता 1 सितम्बर 2025 को देहरादून में आयोजित होगी। इसमें सफल होने वाले खिलाड़ी 11 से 14 सितम्बर को दुर्ग, छत्तीसगढ़ में होने वाली राष्ट्रीय योगासन प्रतियोगिता में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे।यह लगातार मिलने वाला प्रोत्साहन और आगामी प्रतियोगिताएँ सुनिश्चित करती हैं कि उत्तराखंड के योगासन खिलाड़ी भविष्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहेंगे और राज्य का नाम रोशन करेंगे। यह सभी के लिए एक सुनहरा अवसर है कि वे योग से जुड़ें और एक स्वस्थ एवं संतुलित जीवन की ओर कदम बढाये.

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