ऋषिकेश में राज्य निर्माण सेनानियों ने की मांग अंकिता भंडारी केस में सीबीआई जांच हो सिटिंग जज की निगरानी में

ऋषिकेश :उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानियों की एक आवश्यक बैठक आईएसबीटी परिसर ऋषिकेश शहीद स्मारक में आहूत की गई. बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अंकिता कांड में जिन लोगों का भी नाम उजागर हो रहा है. सर्वोच्च न्यायालय के सिटिंग जज के निगरानी में सीबीआई जांच होनी चाहिए. इस घटना ने पूरे उत्तराखंड को एवं उत्तराखंड की जनता को झकझोर दिया है.
जिन लोगों ने भी यह कुक्कृत किया उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. कुछ लोग इसमें घटिया राजनीति कर रहे हैं. यह उत्तराखंड की अस्मिता का सवाल है. जिससे कि सरकार की भी किरकिरी हो रही है. राज्य निर्माण सेनानियों ने कहा कि इस घटना पर हाई कमान को भी तुरंत संज्ञान लेना चाहिए. ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके. जितनी भी वीडियो ऑडियो रिलीज हो रही है. उनके संज्ञान लेकर कार्रवाई होनी चाहिए. राज्य निर्माण सेनानियों ने यह भी कहा कि शिवाजी नगर बापू ग्राम गुमानीवाला अमित ग्राम सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर वन विभाग द्वारा कब्जा किया जा रहा है या लोगों को हटाया जा रहा है. इस पर भी सरकार को अपने वकीलों से पैरवी करते हुए कोई बीच का रास्ता तलाशना चाहिए. ताकि जनता का भी नुकसान ना हो जिन लोगों ने पत्थर बाजी की वह बड़ा निंदनीय है. उनके खिलाफ कार्रवाई हो लेकिन सही लोगों को नाजायज परेशान भी ना किया जाए. राज्य निर्माण सेनानियों ने राज्य सरकार से मांग की के राज्य सरकार इन दोनों प्रकरणों में तुरंत संज्ञान लेकर कार्रवाई करें. वक्ताओं ने यह भी कहा कि प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट इस तरह की बयान बाजी कर भाजपा पार्टी की उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक किरकिरी करवा रहे हैं. इनकी बयान बाजी में गंभीरता बिल्कुल नहीं है. ओछी हरकत बयान बाजी कर अपनी फिजा तो खराब कर ही रहे हैं. लेकिन पार्टी को भी गर्त में ले जाने का काम कर रहे हैं. प्रदेश अध्यक्ष का इस तरह का बयान उनकी मानसिकता भी दर्शाता है. इनको बोलना नहीं आता तो चुप बैठ जाएं. बैठक में मुख्य रूप से डी एस गुसाईं बलवीर सिंह नेगी गंभीर मेवाड़ गुलाब सिंह रावत युद्धवीर सिंह चौहान बृजेश डोभाल विशंभर दत्त डोभाल सरोजिनी थपलियाल सहित कई लोग मौजूद थे.



