ऋषिकेश : परमार्थ निकेतन में गूंजी ॐ योगी की ऐतिहासिक साधना, स्वामी चिदानन्द सरस्वती  से हुई विशेष भेंट

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ऋषिकेश  : योग और आध्यात्म की विश्व राजधानी ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन आश्रम में एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब युवा योगाचार्य ॐ योगी विशाल भारद्वाज अपनी अद्वितीय उपलब्धियों के साथ आश्रम पहुंचे।इस दौरान आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज (‘मुनि जी’) से उनकी विशेष भेंट हुई। इस अवसर पर स्वामी जी ने स्वयं ॐ योगी को मेडल पहनाकर सम्मानित किया और उनकी साधना की सराहना करते हुए आशीर्वाद प्रदान किया।
जानकारी के अनुसार, ॐ योगी ने पद्मासन में लगातार 3 घंटे 45 मिनट तक ध्यान-साधना कर एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। इसके अतिरिक्त, ऋषिकेश में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के दौरान उन्होंने एक अनोखा प्रदर्शन करते हुए माथे पर प्रज्वलित दीप रखकर मात्र 2 मिनट में 25 योगासन पूर्ण कर अपना पांचवां विश्व रिकॉर्ड दर्ज कराया।ॐ योगी की उपलब्धियां यहीं तक सीमित नहीं हैं। अब तक वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 120 मेडल, 100 से अधिक ट्रॉफियां तथा अनेक विशेष प्रमाण पत्र प्राप्त कर चुके हैं। उन्हें अंतर्राष्ट्रीय योग रत्न अवार्ड, प्राइड ऑफ भारत अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है, साथ ही अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ द्वारा उन्हें भारत के टॉप 21 योगियों में भी चयनित किया गया है।
यह उपलब्धि केवल शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन नहीं, बल्कि उनकी मानसिक दृढ़ता, आत्मिक शक्ति और योग के प्रति गहरी निष्ठा का जीवंत उदाहरण है।इस अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि,”ऐसी साधना युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है और भारतीय योग परंपरा को विश्व पटल पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाती है।”उन्होंने ॐ योगी को भविष्य में भी आश्रम से जुड़े रहने तथा योग के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया।ॐ योगी की यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि यह भारत की प्राचीन योग परंपरा की शक्ति और महिमा का भी प्रतीक है। उनकी साधना निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ियों को योग, ध्यान और आत्मिक विकास की दिशा में प्रेरित करेगी।
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