ऋषिकेश : बजट में उपेक्षा पर पार्षदों में जबरदस्त उबाल! सिंगल ऐजेण्डे पर हुई बैठक में बजट स्वीकार ना करने का बोर्ड ने लिया निर्णय, जल्द मुख्यमंत्री एवं वित्त व शहरी विकास मंत्री से मिलेगा निगम का प्रतिनिधिमण्डल
ऋषिकेश नगर निगम की घोर उपेक्षा से ना सिर्फ नगर निगम बोर्ड के तमाम सदस्य बल्कि तीर्थ नगरी का आम जनमानस के साथ व्यापारी एवं बुद्विजीवी वर्ग भी आहत है : महापौर
- बैठक में नेता प्रतिपक्ष मनीष शर्मा ने कहा बजट में ऋषिकेश की उपेक्षा पर नगर विकास मंत्री का यह कहना की उन्हें इसकी जानकारी नही है बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है
- पार्षद विकास तेवतिया ने दी चेतावनी यदि एक सप्ताह के भीतर बजट पर कोई अनुकूल निर्णय ना हुआ तो बोर्ड के तमाम सदस्यों को इस्तीफे के लिए मजबूर होना पड़ेगा
- ऋषिकेश नगर निगम के लिए बेहद शर्मनाक है कि निगम के बजट में कोई बढोतरी नही की गई-गुरविंदर सिंह गुर्री, 20 बीघा पार्षद
Video में सुनिए महापौर की प्रतिक्रिया…बैठक के बाद और बैठक के दृश्य–
ऋषिकेश-गजब हाल है…चार धाम यात्रा शुरू हो चुकी है और चार धाम यात्रा का गेट कहे जाने वाला ऋषिकेश में नगर निगम का हाल “ऊँट के मुंह में जीरा” वाली कहावत हो गयी है. हम बात कर रहे हैं बजट की…राज्य के सबसे महत्वपूर्ण निगम का यह हाल है. इस बार बजट जबकि सबसे ज्यादा देना चाहिए था यात्रा को देखते हुए हुआ उल्टा. जबकि, राज्य के अब वित्त मंत्री, शहरी विकास मंत्री खुद स्थानीय विधायक ऋषिकेश के हैं.
राज्य वित्त आयोग द्वारा त्रैमासिक बजट में ऋषिकेश नगर निगम का बजट ना बढाए जाने का मामला अब तूल पकड़ गया है। बजट में समूचे उत्तराखंड के तमाम नगर निकाय, नगरपालिकाओं एवं नगर निगमों में सिर्फ ऋषिकेश नगर निगम की अनदेखी से आहत निगम बोर्ड ने बजट को स्वीकार ना करने का निर्णय लिया है। मंगलवार को नगर निगम महापौर अनिता ममगाई की अध्यक्षता में निगम के स्वर्ण जंयती सभागार में राज्य वित्त आयोग के बजट को लेकर उत्पन्न हुई विषम परिस्थितियों को लेकर सिंगल ऐजेण्डे पर बैठक हुई. आपात बैठक में तमाम पार्षदों ने एक स्वर में बजट को स्वीकार ना करने का निर्णय लिया है।बैठक की अध्यक्षता कर रही महापौर अनिता ममगाई ने कहा कि बजट में ऋषिकेश नगर निगम की घोर उपेक्षा से ना सिर्फ नगर निगम बोर्ड के तमाम सदस्य बल्कि तीर्थ नगरी का आम जनमानस के साथ व्यापारी एवं बुद्विजीवी वर्ग भी आहत है।इससे जहां तमाम विकास कार्य प्रभावित होंगे वहीं नालियों एवं खड़जों तक का छुटपट काम कराना भी मुश्किल हो जायेगा।यात्रा सीजन में शहर में तीन टाईम सफाई निगम करवा रहा है. बिना बजट के सफाई व्यवस्था का प्रभावित होना भी तय है। बैठक में नेता प्रतिपक्ष मनीष शर्मा ने कहा कि बजट में ऋषिकेश की उपेक्षा पर नगर विकास मंत्री का यह कहना की उन्हें इसकी जानकारी नही है बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।स्थानीय विधायक होने के नाते उन्हें सबसे पहले ऋषिकेश नगर निगम के बजट पर निगाह रखनी चाहिये थी।पार्षद विकास तेवतिया ने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर बजट पर कोई अनुकूल निर्णय ना हुआ तो बोर्ड के तमाम सदस्यों को इस्तीफे के लिए मजबूर होना पड़ेगा।बैठक में विचार व्यक्त करते हुए पार्षद राकेश सिंह मिंया ने कहा कि वित्त एवं शहरी विकास मंत्री के गृहनगर क्षेत्र में जिस प्रकार बजट में ऋषिकेश नगर निगम की घोर उपेक्षा की गई है उससे निगम की स्थिति आने वाले दिनों में इस बदतर हाल में हो जायेगी जहां निगम के पास ना अपने कर्मचारियों को देने के लिए तनख्वाह होगी और ना ही छिड़काव करने के लिए कीटनाशक दवाएं।उन्होंने कहा कि इस गंभीर मसले पर पक्ष विपक्ष के तमाम पार्षदों को संघर्ष करना होगा वर्ना इसके गंभीर परिणाम शहर के तमाम विकास कार्यों के प्रभावित होने से सबको भुगतने होगें।
पार्षद विपिन पंत,जगत सिंह नेगी,भगवान सिंह पंवार विजय बडोनी ने इस मामले को मुख्यमंत्री दरबार में उठाने की बात कही।पार्षद गुरविंदर सिंह गुर्री ने कहा कि ऋषिकेश नगर निगम के लिए बेहद शर्मनाक है कि निगम के बजट में कोई बढोतरी नही की गई।जबकि यात्राकाल चरम पर है।ऐसे में सफाई सहित तमाम छोटे बड़े कार्यों पर ग्रहण लगना तय है। पार्षद राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट, विजय बडोनी, राधा रमोला,प्रभाकर शर्मा,सुंदरी कंडवाल ने इस गंभीर मसले पर एकजुटता के साथ संजय करने की बात कही।बैठक में सहायक नगर आयुक्त आनंद मिश्रवान, अधिशासी अभियंता विनोद जोशी, पार्षद विजयलक्ष्मी शर्मा, पुष्पा मिश्रा ,शकुंतला शर्मा ,लक्ष्मी रावत, उमा बृजपाल राणा, प्रियंका यादव, अजीत सिंह गोल्डी, विकास तेवतिया, देवेंद्र प्रजापति,मनीष मनवाल,विजेंद्र मोगा,आदि प्रमुख रूप से शामिल थे।