ऋषिकेश: श्री भरत मंदिर के बसंतोत्सव दंगल के 40 वर्ष पूरे, सैकड़ों पहलवान पहुंचे, दिखाया दमखम दंगल में

- श्री भरत मंदिर के बसंतोत्सव दंगल के 40 वर्ष पूरे: हरिद्वार रोड पर उमड़ा जनसैलाब, 20 मुकाबलों में पहलवानों ने जीता हजारों का इनाम
ऋषिकेश : ऐतिहासिक श्री भरत मंदिर द्वारा आयोजित ‘बसंत उत्सव’ के उपलक्ष्य में भव्य दंगल प्रतियोगिता का आयोजन भारत मंदिर स्कूल के समीप, हरिद्वार रोड स्थित भगतराम ग्राउंड में किया गया। इस वर्ष यह आयोजन विशेष रहा क्योंकि दंगल प्रतियोगिता ने अपनी सफलता के 40 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित कुश्ती मुकाबलों को देखने के लिए हजारों की संख्या में दर्शक उमड़ पड़े।प्रतियोगिता का विवरण और परिणाम:
दंगल के पहले दिन कुल 20 कुश्तियां लड़ी गईं, जिनमें विजयी पहलवानों को हजारों रुपये के नकद इनाम और पुरस्कार वितरित किए गए। उत्तराखंड के ऋषिकेश (रामचरण अखाड़ा), देवप्रयाग, देहरादून और हरिद्वार के पहलवानों के साथ-साथ राजस्थान, पानीपत, दिल्ली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के पहलवानों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली।मुख्य विजेताओं में समिर (देहरादून), सुमित (कलियर), अड्डा (सहारनपुर), सुशील (बागपत), नितिश (ऋषिकेश), सुनील (रामपुर), काला (देहरादून), आर्यन (मुरादाबाद), अन्नू (रुड़की) और प्रिंस (बिजनौर) शामिल रहे।
प्रबंधन एवं अतिथि:
मैदान पर मुकाबलों का निर्णय मुख्य रेफरी रामप्रसाद भारद्वाज (ऋषिकेश) और सहायक रेफरी चरण पहलवान द्वारा निष्पक्ष रूप से किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में संयोजक जयप्रकाश ठेकेदार और भुवनेश्वर प्रसाद भारद्वाज की अहम भूमिका रही।दंगल के अध्यक्ष विनय उनियाल और पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष दीप शर्मा ने संयुक्त रूप से पहलवानों का परिचय लिया और उन्हें आशीर्वाद दिया। अतिथियों ने कहा कि भगतराम ग्राउंड में 40 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहा यह दंगल ऋषिकेश की एक बड़ी पहचान बन चुका है।प्रतियोगिता के दूसरे दिन, कल 22 जनवरी को भी कई बड़े पहलवान अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगे।



