ऋषिकेश : गीता प्रेस मुनाफे के लिए नहीं, पीढ़ियों के निर्माण के लिए कार्य करता है : अमित शाह

- कल्याण शताब्दी #Kalyan100 समारोह | सनातन संस्कृति का महोत्सव
ऋषिकेश की पुण्यभूमि पर गीताप्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित विश्वविख्यात मासिक पत्रिका ‘कल्याण’ के शताब्दी समारोह का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन हुआ। यह अवसर केवल एक पत्रिका के सौ वर्षों की यात्रा का उत्सव नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, भारतीय अध्यात्म और राष्ट्र चेतना का गौरवपूर्ण पर्व था।इस गरिमामयी समारोह में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी, सांसद पौड़ी अनिल बलूनी, परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती, पूज्य गोविंद देव गिरि महाराज, पूज्य द्वाराचार्य स्वामी राजेन्द्रदास महाराज, आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि महाराज, पूज्य स्वामी परमानन्द महाराज, श्रद्धेय गोविन्दानन्द तीर्थ महाराज तथा गीताप्रेस अध्यक्ष केशोराम अग्रवाल सहित अनेक पूज्य संतों और विशिष्ट अतिथियों की पावन उपस्थिति रही।

अमित शाह ने कहा कि कल्याण केवल पत्रिका नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का पथप्रदर्शक है। गीता प्रेस मुनाफे के लिए नहीं, पीढ़ियों के निर्माण के लिए कार्य करता है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गीताप्रेस परिवार को शताब्दी वर्ष की शुभकामनाएँ दीं और इसे ज्ञान परंपरा का अमूल्य स्तंभ बताया।पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने अमित शाह को “रिफॉर्मर, परफॉर्मर और ट्रांसफॉर्मर” बताते हुए कहा कि भारत आज एक नूतन युग में प्रवेश कर रहा है।कल्याण पत्रिका ने सौ वर्षों में करोड़ों पाठकों को अध्यात्म, राष्ट्रनिष्ठा और सांस्कृतिक चेतना से जोड़ा है। यह दीपस्तंभ आज भी आधुनिक युग में उतना ही तेजस्वी, अडिग और प्रेरणादायक है।यह शताब्दी समारोह इस संकल्प का प्रतीक है कि सनातन संस्कृति की यह अखंड ज्ञानधारा सदैव प्रवाहित होती रहेगी।भारत केवल एक राष्ट्र नहीं — एक संस्कृति है, और उस संस्कृति की धड़कन है सनातन धर्म।






