ऋषिकेश : जन्म दिवस मनाएं लेकिन सनातन संस्कृति को आधार मान कर : सुशीला सेमवाल

गौ गंगा गीता का सम्मान करें, तो सनातन धर्म मजबूत होगा :सुशीला सेमवाल

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गंगेश्वर महादेव मंदिर घाट पर माँ गंगा आरती करती हुई
  • राज्य महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल भी पहुंची आशीर्वाद देने सुशीला सेमवाल को 
  • नमामि नर्मदा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित हरीश उनियाल भी पहुंचे आयोजन में 
  • समाज के भिन्न वर्गों के लोगों ने दी बधाई और शुभकामनायें 
  • जन्म दिवस मनाएं लेकिन अपनी सनातन संस्कृति को आधार बनाकर :सुशीला सेमवाल 

ऋषिकेश : अखिल भारतीय सीता राम परिवार की प्रदेश अध्यक्ष और ऋषिकेश प्रसिद्द समाज सेवी सुशीला सेमवाल ने रविवार को अपना जन्म दिवस सनातन संस्कृति को ध्यान में रख कर मनाकर आज के समय समाज को एक सन्देश दिया है. सेमवाल ने सुबह मां गंगा का पूजन कर त्रिवेणी घाट जा कर आशीर्वाद लिया. फिर जनार्दन आश्रम, संस्कृत विद्यालय जा कर बच्चों को कॉपी किताब भेंट की. उसके बाद गौ माता को चारा खिलाकर पुण्य कमाया. फिर  शाम को 72 सीढी गंगा घाट पर मां  गंगा आरती कर गंगा मैया के चरणों में अपनी श्रधा अर्पित की. उसके बाद शाम के भोजन में लोक संस्कृति आधारित स्थानीय उत्पाद  तोर की ताल को आधार मानकर रात का भोजन अपनों के बीच ग्रहण किया.

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इस अवसर सेमवाल को  समाज के हर वर्ग से जुड़े  लोगों ने बधाई और आशीर्वाद दिया. ख़ास मौके पर राज्य महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल भी पधारी. उन्हूने सेमवाल को आशीर्वाद देते हुए उन्हें उनके  उज्जवल भविष्य की शुभ कामनाएं दी. साथ ही उम्मीद जताई और भी वे  सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़ कर शिरकत करें और समाज में निचले तबके का  जीवन जी रहे कमजोर  लोगों के लिए उम्मीद की किरण बने.  नमामि नर्मदा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित हरीश उनियाल ने इस अवसर पर कहा, जन्म दिवस अपनी संस्कृति के अनुसार मनाया जाना चाहिए. हमें अपनी संस्कृति,  सनातन संस्कृति को आधार मानकर कोई भी काम करना चाहिए. तभी युवा पीढ़ी को कुछ हम दे पाएंगे. साथ ही सबसे महत्वपूर्ण पर्यावरण संरक्षण को लेकर हमें काम करना चाहिए. आज के समय में सनातन संस्कृति को बचाना एक चुनौती बन गया है. वाशिं सुशीला सेमवाल ने कहा, मुझे सामान्य तौर पर कोई भी आयोजन करना या करवाना ठीक लगता है. आम जन से जुड़ा हो, सबके मन को भाये वही सर्वमान्य होता है. जन्म दिवस मनाना कोई खास बात नहीं है, लेकिन उस बहाने एक दिन को आप अपने सनातन संस्कृति के लिए जीते हैं तो मन को 365 (वर्ष भर) शांति मिलती है. आज गौ, गंगा, गीता खतरे में है. हमें इसको बचाना है. हमारे महाराज जी जगद्गुरु द्वाराचार्य स्वामी दयाराम देवानंदाचार्य महाराज भी यही कहते हैं. उन्ही के आशीर्वाद से हम ये सब कुछ कर पा रहे हैं.   इस दौरान प्रमोद कुमार शर्मा, राजीव थपलियाल, संतोष व्यास, घनश्याम नौटियाल,कोमल सेमवाल,  धनीराम बिंजोला,हैण्ड पैन आर्टिस्ट  सुमित कुटानी आदि लोग मौजूद रहे.

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राज्य महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल पहुंची आशीर्वाद देने

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