ऋषिकेश :वर्तमान में वैश्विक अशांति के बीच परमार्थ से निकलेगी अन्तराष्ट्रीय योग महोत्सव से ध्यान की किरण, 9 से 15 मार्च के बीच IYF 2026
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने आज प्रेस कान्फ्रेस के माध्यम से अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 की विशेषतायें साझा की

- अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 से विश्व शान्ति का आह्वान
- परमार्थ निकेतन वैश्विक योग परिवार के अभिनन्दन के लिये पूर्णतः तैयार
- 80 से अधिक देशों के 1200 से अधिक योग जिज्ञासुओं और योगाचार्यों का सहभाग
- 30 से अधिक देशों के 30 से अधिक राष्ट्राध्यक्षों, उच्चायुक्तों और राजदूतों की गरिमामयी उपस्थिति
- 150 से अधिक योग विधाओं की दिव्य अनुभूति
- संध्याकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कैलाश खेर, ड्रम्स शिवमणि, रूना रिजवी, राधिका दास एंड फ्रेंड्स की भक्ति प्रस्तुतियाँ
- मध्य पूर्व में शांति की स्थापना हेतु वैश्विक योगी परिवार ने विश्व शांति के लिए की सामूहिक प्रार्थना
- मानवता, करुणा और संवाद के मार्ग को अपनाने का संकल्प
- प्रार्थना में संदेश दिया गया कि योग, प्रेम और एकता ही स्थायी शांति का आधार हैं
- युवा व बच्चों के लिये योग महोत्सव मे आयोजन की घोषणा
- 13 मार्च, 2026 मुख्यमंत्री, उत्तराखंड़ पुष्कर सिंह धामी और 14 मार्च को राज्यपाल गुरमीत सिंह गरिमामयी उपस्थिति

ऋषिकेश : परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में आयोजित इंटरनेशनल योगा फेस्टिवल में इस वर्ष परमार्थ निकतन परिवार लगभग 80 देशों से आए करीब 1200 योग साधकों का स्वागत करने के लिए पूर्णतः तैयार है।इस प्रतिष्ठित महोत्सव का विधिवत उद्घाटन 9 मार्च, 2026 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया जाएगा। पूरे सप्ताह भर इस आयोजन में मंत्रीगण, विभिन्न राष्ट्रों के राष्ट्रध्यक्ष, राजनयिक एवं विशिष्ट अतिथियों की सहभागिता रहेगी।इंटरनेशनल योगा फेस्टिवल को भारत सहित विश्व स्तर पर टाइम मैग्जीन, न्यूयार्क टाइम्स, सीएनएन सहित विश्व की अनेक प्रतिष्ठित पत्रिकाओं और मीडिया मंचों में व्यापक रूप से स्थान प्राप्त हुआ है। यह महोत्सव भारत के महान आध्यात्मिक गुरुओं और योग आचार्यों को एक मंच पर लाने का उत्कृष्ट मार्ग है। वर्ष 2017 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस महोत्सव का उद्घाटन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया था तथा 2018 में पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने इसका उद्घाटन प्रत्यक्ष रूप से किया था।



