ऋषिकेश: DDU की मूर्ति लगने के विरोध में क्षेत्रीय संयुक्त संघर्ष समिति का धरना शुरू नेपाली फार्म तिराहे पर
मूर्ति लगने के विरोध में UKD और स्वाभिमान मोर्चा अड़े, धरना शुरू

- शहीदों का उत्तराखंड बना कर ही रहेंगे : सुधीर राय रावत
- हम पीछे नहीं हटेंगे, मूर्ति हटानी पड़ेगी सरकार या सम्बंधित विभाग को तक निर्माण बंद : शीशपाल पोखरियाल
ऋषिकेश:मूर्ति लगने के विरोध में क्षेत्रीय संयुक्त संघर्ष समिति का धरना शुरू नेपाली फार्म तिराहे पर आज से यानी सोमवार से. आज सुबह ११ बजे से १ बजे तक धरना दिया गया. उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा और उत्तराखंड क्रांति दल के नेता धरना दे रहे हैं. 
२८ मार्च की शाम को पंडित दीन दयाल उपाध्याय की मूर्ति को यहाँ पर स्थापित किया गया था. उसके बाद पीले कपड़े से इसे ढक दिया था. सुबह जैसे ही पता लगा उक्रांद और स्वाभिमान मोर्चा के कार्यकर्ताओं नेमौके पर पहुँच विरोध शुरू कर दिया. इनकी मांग थी, उत्तराखंड के महापुरुषों और राज्य आन्दोलन में हुए शहीदों की मूर्तियाँ यहाँ पर लगाई जाएँ. यह जगह देहरादून और ऋषिकेश गढ़वाल का एंट्री पॉइंट है. ऐसे में हर कोई यही से हो कर आता जाता है. आने वाली पीढियां देखेंगी, कैसे हमारे लोगों ने अपनी जान की बाजी लगाकर राज्य और देश के लिए अपना जीवनदान दिया था. कैसे गोलियां खायी थी.
मोर्चा के जिला अध्यक्ष पूर्वी देहरादून शीशपाल पोखरियाल के मुताबिक़, आज सुबह ११ बजे से १ बजे तक धरना शुरू कर दिया गया है. जो प्रतिदिन चलेगा. जब तक मूर्ति नहीं हटाई जाती है और हमारे महापुरुषों और शहीद आन्दोलनकारियों की मूर्ति नहीं लगाईं जाती विरोध जारी रहेगा. पोखरियाल ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, अह्नाकारी सरकार या सम्बंधित विभाग जब तक मूर्ति नहीं हटाएगी तक निर्माण कार्य बंद रहेगा. हमने धरना शुरू कर दिया है. हम किसी भी हालत में पीछे नहीं हटेंगे. मोचे के राष्ट्रीय महामंत्री सुधीर राय रावत ने कहा, हम उत्तराखंड के शहीदों का राज्य बना कर रहेंगे, उन्हूने जो सपने देखे थे उनको पूरा करेंगे. उन्हूने सत्ता पक्ष पर हमला बोलते हुए कहा, दिल्ली की दादागिरी बंद करो, उत्तर्काहंद का गौरव उत्तराखंड के शहीद हैं. यहाँ पर इस मूर्ति का लगाने का क्या औचित्य है ? लगाते हमारे महापुरुषों, राज्य आन्दोन में हुए शहीदों के लगाते.///और सरकार को लगाना पड़ेगा. वहीँ इस मौके पर धरने में, सुधीर राय रावत, गौतम राणा, लालमणि रतूड़ी, शीशपाल पोखरियाल व् अन्य लोग मौजूद रहे.



