रामनगर : टाटा सूमो बही बरसाती नाले में, उत्तराखंड के एक कलाकार ने जान गंवाई, 7 घायल

रामनगर(उत्तराखंड):ढिकुली के बरसाती नाले मे एक टाटा सूमो बह गयी।इस हादसे मे एक व्यक्ति की मौत हो गयी जबकि सात लोग घायल हो गये।पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से वाहन मे फँसे लोगों को बाहर निकाला।सभी घायलो की संयुक्त चिकित्सालय भर्ती कराया।घायलों में से एक व्यक्ति हालत गम्भीर देखते हुए उसे हायर सेन्टर रेफर कर दिया गया जिसने रास्ते मे ही ले जाते समय दम तोड़ दिया सभी लोग टाटा सूमो से दिल्ली से द्वाराहाट जा रहे थे।

घटना लगभग बीती रात ढाई बजे की बतायी जा रही है।ढिकुली मे स्थित सीआरवीआर नामक रिजोर्ट से कुछ ही दूरी पर पड़ने वाला बरसाती नाला उफान पर था।रात होने के कारण वाहन चालक नाले के तेज़ बहाव का अंदाज़ा नही लगा पाया।चालक ने वाहन को नाला क्रॉस करने के चक्कर मे नाले के तेज़ बहाव में वाहन उतार दिया।तेज़ बहाव की वजह से सूमो कार बह गयी।और आगे जाकर फ़ँस गयी।सूमो में बैठे लोगों की चीख पुकार सुनकर स्थानीय ग्रामीण आ गये और सूमो में फँसे लोगों को निकालने का प्रयास करने लगे।घटना की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी।सूचना पाकर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमे मौके पर पहुँची और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सूमो मे फँसे लोगों को बाहर निकाला।सभी लोगों को उपचार के लिए तुरन्त संयुक्त चिकित्सालय रामनगर भर्ती कराया सभी घायलो को उपचार के बाद डॉक्टरो ने डिस्चार्ज कर दिया।जबकि प्रकाश फुलारा के फेफड़ों मे पानी भर जाने के कारण उसको डॉक्टरो ने हायर सेन्टर रेफर कर दिया।सुशीला तिवारी चिकित्सालय हल्द्वानी ले जाते समय कालाढूंगी के पास उसकी मौत हो गयी।
बताया जा रहा है कि प्रकाश चन्द्र (38वर्ष) पुत्र कृष्णानंद,शंकर दत्त,ध्रुव शर्मा,नितिन फुलारा,हिमान्शु फुलारा,ललित फुलारा और भगवती देवी टाटा सूमो वाहन संख्या UK01TA 3155 मे सवार होकर द्वाराहाट के गनोली गाँव मे होने वाली बैसी पूजा में शामिल होने के लिए दिल्ली से जा रहे थे।इसी गाँव का रहने वाला गौरीदत्त गाड़ी चला रहा था।प्रकाश चन्द्र की मौत की खबर से पूरे गाँव मे शौक की लहर है। बताया जा रहा है प्रकाश काफी अच्छे गायक भी थे. उनके निधन पर ऋषिकेश से पूर्व रोडवेज कर्मी और यूनियन नेता भुवन चंद्र फुलारा ने भी शोक ब्यक्त किया है.
दुखों का पहाड़ टूट पड़ा प्रकाश फुलारा के परिवार पर-
प्रकश फुलारा एक गायक और सामाजिक कार्यकर्ता थे. वे सरपंच भी रहे थे वन पंचायत के. साथ ही उनकी जल्द एक एल्बम रिलीज होनी थी. ‘हिट रितु मासी बाजार …. ‘ के नाम से. बताया जा रहा है उन्होंने यह गाना अपनी पत्नी रितु के नाम से बनाया था. उनकी तीन एल्बम पहले रिलीज हो चुकी थी.

इधर अल्मोड़ा जिले में उनके गाँव में प्रकाश फुलारा की मौत का पता लगते ही लोग स्तब्ध रह गए। गांव में मातम पसर गया। प्रकाश अपने तीन वर्षीय बीमार बेटे का इलाज कराने को दिल्ली ले जाने के लिए गांव जा रहा था। मगर नियति का खेल देखिए बेटे के सिर से ही पिता का साया छीन लिया। बुढापे का सहारा और इकलौता कमाऊ पूत छिनने से मां कई बार गश का खाकर गिर पड़ी।लोक गायकी के साथ प्रकाश फुलारा दिल्ली में प्राइवेट नौकरी कर जैसे तैसे परिवार का भरण पोषण कर रहा था। घर पर वृद्ध मां लीला देवी, पत्नी रितु के साथ ही चार पुत्रियां व एक पुत्र रहता है। बेटा विनय भी हृदय संबंधी व्याधि से पीड़ित है। इसे लेकर प्रकाश अक्सर चिंतित भी रहता था। कुमाऊंनी लोक गायक के रूप में पहचान बनाने वाला प्रकाश फुलारा सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़ा रहा। वर्ष 2010 से 2020 तक वह गनोली वन पंचायत का सरपंच भी रहा। इस अवधि में कई कार्यक्रम भी कराए। उनके कमा की सभी ने तारीफ की थी. लेकिन इंसान को पेट के लिए कहाँ कहाँ नहीं जाना पड़ता है. वही हुआ. दिल्ली गए और बेटे को लेने आये थे इलाज केलिए और जाना गवां बैठे.



