रवि काना की तलाश में १२ जिलों में दबिश जारी, ५ टीमें लगी पुलिस की, 29 FIR हैं दर्ज

नेपाल भागने की आशंका है बॉर्डर पर नजर पुलिस की

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  • पुलिस के मुताबिक रवि काना गैंग नंबर D-190 का सरगना है
  • बी-वारंट जारी होने के बावजूद रवि काना को बांदा जेल से रिहा किए जाने पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताई है
  • जिला कारागार बांदा के जेल अधीक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया गया है और रवि काना के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है
नोएडा : स्क्रैप माफिया रवि काना की तलाश में यूपी के 12 जिलों में छापेमारी, पुलिस की 5 टीमें दबिश दे रही हैं। बांदा जेल से रिहा होने के बाद गायब हुए रवि काना उर्फ रवि नागर को लेकर पुलिस अलर्ट पर है। आशंका जताई जा रही है कि वह पश्चिमी यूपी में छिपा है या नेपाल के रास्ते विदेश फरार हो सकता है।मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, गौतमबुद्ध नगर की अदालत से बी-वारंट जारी होने के बावजूद रवि काना को बांदा जेल से रिहा किए जाने पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताई है। मामले में जिला कारागार बांदा के जेल अधीक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया गया है और रवि काना के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है।
पुलिस के मुताबिक रवि काना गैंग नंबर D-190 का सरगना है। उसके गैंग में 18 सदस्य हैं और एनसीआर समेत कई जिलों में गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। पिछले दो वर्षों में पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर ने रवि काना की 92.65 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति जब्त व कुर्क की है।जांच में सामने आया है कि गैंग अवैध स्क्रैप और सरिया कारोबार, रंगदारी, लूट और धमकी के जरिए अपराध करता था। रवि काना और उसके परिजनों के नाम पर कई कंपनियां दर्ज हैं। अब तक औद्योगिक भूखंड, जमीन, ट्रक और अन्य वाहन जब्त किए जा चुके हैं।रवि काना पर 29 मुकदमे, जबकि उसके गैंग के सदस्यों पर 131 मुकदमे दर्ज हैं।पुलिस का दावा है कि जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
बांदा जिला कारागार के निलंबित जेलर विक्रम सिंह यादव पहले भी विवादों में रह चुके हैं। इससे पहले संभल बवाल के आरोपियों से सपा नेताओं की मुलाकात कराने के मामले में भी उन पर कार्रवाई हो चुकी है।
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