ऋषिकेश : आवास विकास स्थित विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में गुरु पूर्णिमा की संध्या पर आयोजित हुआ कार्यक्रम

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  •  आवास विकास स्थित विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में गुरु पूर्णिमा की संध्या पर आयोजित हुआ कार्यक्रम

ऋषिकेश : गुरु पूर्णिमा (महर्षि वेदव्यास) की जयंती पर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य उमाकांत पंत और उप प्रधानाचार्य नागेंद्र पोखरियाल ने वेदव्यास के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर उनका स्मरण किया ।कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र छात्राओं ने भी वेदव्यास जी के बारे में अपने विचार रखे।कार्यक्रम मे उप प्रधानाचार्य नागेंद्र पोखरियाल ने बताया कि हिंदू धर्म की रक्षा व उसे आगे बढ़ाने में कई महान ऋषियों ने योगदान दिया। ऐसे ही एक ऋषि थे महर्षि वेदव्यास। उन्हें भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। अलौकिक शक्ति सम्पन्न महापुरुष वेदव्यास जी के पिता का नाम महर्षि पराशर और माता सत्यवती थीं। इनका जन्म एक द्वीप के अंदर हुआ था, वर्ण श्याम था। शुरुआत में वेदव्यास जी को कृष्णद्वैपायन भी है। इन्होंने वेदों का विभाजन किया था, इसलिए इन्हें वेदव्यास कहा जाने लगा।

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प्रधानाचार्य उमाकांत पंत ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए गुरु पूर्णिमा और वेदव्यास जी के बारे में सभी को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए बताया कि महर्षि वेदव्यास जी महान ग्रंथ महाभारत के रचयिता के साथ उन घटनाओं के भी साक्षी रहे हैं जो घटित हुई हैं। असल में महाभारत में व्यास जी की भी एक अदद भूमिका है। ये उन मुनियों में से एक हैं, जिन्होंने अपने साहित्य और लेखन के माध्यम से सम्पूर्ण मानवता को यथार्थ और ज्ञान का खजाना दिया है।इस मौके पर मनोज पंत, आनंदमणि डबराल , कांता प्रसाद देवरानी, जितेंद्र यादव ,सचिदानंद नौटियाल,रीना पाटिल,संगीता जोशी , नरेंद्र खुराना एवम विद्यालय का समस्त स्टॉफ और छात्र छात्राएं मौजूद रहें।

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