ऋषिकेश में मीट मांस बेचने वालों के बारे में भी सोचा जायेगा-प्रेमचंद अग्रवाल (Video)


- आज से शराब की डिपार्टमेंटल स्टोर (आधुनिक शराब की दुकानें) बंद होने पर स्थानीय विधायक और पूर्व मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल ने ख़ुशी जाहिर की, सरकार को कहा धन्यवाद
- ७ डिपार्टमेंटल स्टोर खुले थे नगर निगम क्षेत्र ऋषिकेश में, जो १ अप्रैल २०२५ से बंद करने के आदेश हो रखे हैं
- लेकिन कई जगह मीट मांस की विक्री अभी भी जारी है, अग्रवाल बोले उनके बारे में भी सोचा जायेगा, वैकल्पिक रास्ता निकला जायेगा
- साधु संत और आम जन विरोध करते आये हैं लम्बे समय से तीर्थ नगरी को ड्राई एरिया रखा जाये, न शराब न मांस मच्छी बिके
ऋषिकेश :राज्य सरकार आगामी अर्ध कुम्भ से पहले तीर्थ नगरी इलाके को कैसे संवारा जाए, संवेदनशील मुद्दों, समस्याओं को कैसे सुलझाया जाए इस पर काम करने लगी है. इसी क्रम में तीर्थनगरी में शराब की जो दुकानें खुली थी नगर निगम इलाके में वे आज से यानी १ अप्रैल से बंद हो चुकी हैं. इस पर ख़ुशी जाहिर करते हुए स्थानीय विधायक और पूर्व मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा, शासन प्रशासन में हमने जोर शोर से इस बात को रखा था. साथ ही आम जन और साधु संतों का विरोध भी था. यह धर्मनगरी है तीर्थनगरी है. गंगा की नगरी है. मैं खुद आहत था इनके खुलने से, मेरी पार्टी के कार्यकर्ताओं के द्वारा भी विरोध किया गया था, मेरी मुख्यमंत्री जी से बात हुई थी, एक्साइज कमिश्नर से बात हुई थी. मैं खुश हूँ, अपनी सरकार को बधाई दे रहा हूँ. जिन लोगों ने अपनी बात उठाई इसके लिए मैं उन लोगों का आभार प्रकट करता हूँ. इसकी पवित्रता बनाये रखना हमारा कर्तव्य है.
उन्हूने कहा नगर पालिका इलाके में मीट मांस जो विकता था वह ग्रामीण इलाके में आता था. यानी नगर पालिका इलाके में नहीं बिकता था. उसके चारों तरफ या लगते हुए इलाकों में बिकता था. बाद में नगर निगम बनने के बाद कई इलाके निगम क्षेत्र में आ गए. उसी के मदेदेनजर, डिपार्ट मेंटल स्टोर खोले गए थे. या कहिये रास्ता निकालते हुए स्टोर (शराब की दुकानें) खुले थे. अब ऐसे में कई लोग पारंपरिक तरीके से काम करते हैं. उनका रोजगार का सवाल भी है. उनके बारे में भी सोचा जायेगा. कोई वैकल्पिक रास्ता निकालने का प्रयास किया जायेगा. उनका भी रोजगार प्रभावित न हो और हमारे यहाँ धार्मिक आस्था जो है वो भी बने रहे. ऐसा कुछ रास्ता निकाला जायेगा. आपको बता दें, कई इलाके ऐसे हैं जो नगर निगम ऋषिकेश के अन्दर आते हैं लेकिन वहां पर मीट मांस अंडा खुले आम बिकता है. अग्रवाल ने चंद्रेश्वर नगर में माँ गंगा किनारे मीडिया से मुखातिब होते हुए ये बाते कहीं. आपको बता दें, इससे पहले ऋषिकेश में और इसके आस पास कई बार विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं, सबकी यही मांग रही है, शराब, मीट मांस, मच्छी नगर निगम क्षेत्र में न बिके. हालाँकि साधू संतों की बात करें तो वे पूरे कुम्भ क्षेत्र (हरिद्वार से लेकर देवप्रयाग तक) को शराब,मीट मांस से बाहर रखने की मांग करते आये हैं. अग्रवाल के बयान के बाद अब आने वाले समय में सरकार क्या फैसला लेती अब यह देखनी वाली बात होगी. इस दौरान, उनके साथ मेयर शम्भू पासवान, समेत कई भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे.