कुख्यात विनय त्यागी की एम्स ऋषिकेश में हुई मौत, 60 से अधिक थे मुक़दमे दर्ज
लक्सर में कोर्ट पेशी के दौरान बदमाशों ने मारी थी गोली

ऋषिकेश : गैंगस्टर विनय त्यागी की मौत हो गयी है. उपचार के दौरान ऋषिकेश एम्स में हुई मौत. उल्लेखनीय है, हरिद्वार के लक्सर में फ्लाईओवर पर बाइक सवार दो बदमाशों की फायरिंग में गंभीर रूप से घायल हो गया था कुख्यात विनय त्यागी. उसे 24 दिसंबर को गोली उस समय मारी गई जब पुलिस कर्मी रुड़की कारागार से उसे लक्सर एसीजीएम कोर्ट में डेढ़ करोड़ की ठगी के मामले में पेशी पर ले जा रहे थे। चिकित्सकों के पैनल ने उसका पोस्टमार्टम किया। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचनामा भरने के बाद स्वजन शव को मेरठ ले गए.
57 वर्षीय विनय त्यागी मूल रूप से खाईखेड़ी, पुरकाजी, मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला था। उसका घर मेरठ स्थित जागृति विहार में भी है। बाइक सवार दो बदमाशों की तीन गोलियों से घायल होने पर उसे हरिद्वार से एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया था।24 दिसंबर की देर रात डाक्टरों ने उसका आपरेशन किया था और वेंटीलेटर पर रखा गया था। एम्स के जनसंपर्क अधिकारी डा. श्रीलाय मोहंती ने बताया कि शनिवार सुबह साढ़े सात बजे विनय त्यागी की मौत हुई। शाम करीब तीन बजे तक पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चली। नायब तहसीलदार जाहिद हसन ने पंचनामा की कार्रवाई की। सीओ लक्सर नताशा सिंह भी मोर्चरी पहुंची। इस दौरान वहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।
विनय त्यागी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मेरठ का रहने वाला था। उस पर हत्या के प्रयास, लूट, चोरी, रंगदारी और संगठित अपराध समेत कुल 60 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। उसने 1980 के दशक में सिर्फ 16 वर्ष की उम्र में अपराध की दुनिया में कदम रखा था।15 सितंबर को देहरादून के अशोक विहार नेहरू कालोनी में विनय त्यागी के दोस्त प्रमोद त्यागी ने उसके विरुद्ध कार से बैग चोरी का मुकदमा दर्ज कराया था। इस पर पुलिस ने 30 सितंबर को उसे गिरफ्तार कर लिया था। उसके पास से चार लाख रुपये के गहने व चांदी के सिक्के और 15 हजार रुपये बरामद हुए थे।इसके बाद पुलिस ने विनय त्यागी व उसके दो अन्य गुर्गों के विरुद्ध गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया। करीब दो माह सुद्धोवाला जेल में बंद रहने के बाद उसे रुड़की जेल भेजा गया था। एक कुख्यात का सामान्य चोरी और जेल जाना तब कई सवाल खड़े कर रही थी। इस पर विनय और पुलिस दोनों की भूमिका सवालों के घेरे में रही। अब हमले की स्टाइल और पुलिस की भूमिका पर फिर से नई बहस छेड़ दी है.



