ऋषिकेश : पंडित चंद्र प्रकाश मल्लिक मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट ने परमार्थ में आयोजित किया दो दिवसीय संगीत समारोह, दर्शकों से बटोरी तालियां

ऋषिकेश : पंडित चंद्र प्रकाश मल्लिक मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट ने ऋषिकेश में आयोजित किया दो दिवसीय संगीत समारोह, दर्शन हुए मंत्र मुग्ध
-भारतीय संस्कृति में संगीत का महत्व है जिसके प्रति विदेशों में भी आकर्षक बढा है -स्वामी चिदानंद मुनि
-समारोह का उद्देश्य देश के उभरते युवा कलाकारों को मंच देना है- निकेश कुमार
ऋषिकेश : पंडित चंद्र प्रकाश मल्लिक मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन में आयोजित दो दिवसीय इंडियन क्लासिकल म्यूजिक एवं डांस संगीत समारोह का शुभारंभ परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद सरस्वती और कलाकारों ने दीप प्रज्वलित कर किया।
जिसे देखकर दर्शन हुए मंत्रमुग्ध।समारोह का उद्घाटन करने के उपरांत स्वामी चिदानंद मुनि ने कहा कि भारतीय संस्कृति में भारतीय संगीत का काफी महत्व है।इसके प्रति विदेश में भी आकर्षक बढा है और वह भारतीय संगीत को सीखने के लिए भारत की और दौड़े चले आ रहे हैं । उन्होंने कहा कि 84 कुटी में बैठकर बीटल्स ने भी भावातीत 14 गीतों की रचना की और उसके परिणाम स्वरूप देश ही नहीं दुनिया में बीटल्स के भारतीय संगीत के प्रति लोगों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है ।स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि पंडित चंद्र कुमार मल्लिक मेमोरियल ट्रस्ट इस दिशा में देश दुनिया के युवाओं को भारतीय संगीत के प्रति आकर्षित कर रहा है और यह कार्यक्रम भी इसी के निमित आयोजित किया गया है।
समारोह के दौरान पंडित चंद्र कुमार मल्लिक मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट के निकेश मल्लिक और नीलेश मल्लिक ने कहा कि उनके ट्रस्ट का कार्यक्रम का मुख्य उद्देश उत्तराखंड के कलाकार एवं देश विदेश से आए हुए कलाकारों को एक मंच पर कलाओं का आदान प्रदान करना है। उनका ट्रस्ट् एक गैर-लाभकारी संगठन है। जो भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य रूपों को बढ़ावा देकर समृद्ध भारतीय विरासत को संरक्षित करने में लगा हुआ है। इसके अलावा, संगठन पिछले 17 वर्षों से पूरे भारत में कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संगीत समारोहों को आयोजित कर रही है। यह आयोजन देश के युवा उभरते कलाकारों को ऋषिकेश में मंच दे रहा है। यह संगीत महोत्सव परमार्थ निकेतन ऋषिकेश स्वामी चिदानंद सरस्वती के सानिध्य में किया जा रहा है । जोकि संगीतकारों के लिए एक अच्छा मंच है। उनका ट्रस्ट संगीत और नृत्य के क्षेत्र में लगातार काम कर रहा है। हमारे गीतों में ध्रुपद गायन, पखावज (वाद्य), वेना (वाद्य) और विभिन्न शास्त्रीय नृत्य रूप शामिल हैं।
ट्रस्ट ने अब तक एक साफ छवि बना रखी है और भविष्य में भी ऐसा करती रहेगी। इसका उद्देश्य है।राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संगीतकारों दोनों के हित के लिए सम्मानजनक काम करना है। पंडित चंदर कुमार मल्लिक मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट, भारतीय शास्त्रीय संगीत प्रचार प्रसार के लिए देश के कई राज्यों में कार्यक्रमों का आयोजन किया है। जिसमें केंद्र सरकार एवं राजा सरकार द्वारा आर्थिक सहयोग भी किया गया है और इसे सराहा भी गया है चंद्र कुमार मलिक मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट ने विभिन्न स्थानों के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कलाकारों ने भाग लिया जिसमें दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वह हमेशा के लिए मंत्रमुग्ध कर देने वाली यादों और मधुर संगीत के साथ छोड़ गए हैं।
यह ट्रस्ट भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य के क्षेत्र में ज्ञान प्रदान करने के लिए समर्पित है। संगीत समारोह में डॉ. विकास फोडोनी, शास्त्रीय गायन, उत्तराखंड गुरु, सिलारी लेंका,नीलेश एवं निकेश कुमार मलिक कैल्सिकल गायन (मल्लिक भाई) दिल्ली पं. भेरूलाल झंवर, सारंगी एकल मद्यप्रदेश,संतोष कुमार, तबला महाराष्ट्र,पं. सोमनाथ निर्मल, पखावज, महाराष्ट्र,सुश्री लक्ष्मी कुमारी कैल्सिकल वोकल, उत्तराखंड, शिवानन्द, तबला ऋषिकेश,कृपा राम जोशी, तानपुरा, ऋषिकेश,ऋषिकेश कुमार मल्लिक, तानपुरा दिल्ली आदि नेअपनी प्रस्तुति दी ।



