ऋषिकेश : केंद्रीय विद्यालय IDPL में पहली कक्षा में दाखिला बंद होने के बाद तहसील पहुंचे लोग, CM के नाम भेजा ज्ञापन


- पूर्व पार्षद मीरा नगर सुंदरी कंडवाल के नेतृत्व में पहुंचे लोग तहसील परिसर,तहसीलदार के मार्फत मुख्यमंत्री के नाम भेजा ज्ञापन
- विद्यालय में पहली कक्षा में दाखिला शुरू करने की मांग साथ ही विद्यालय को भूमि आवंटन करने की मांग
- विद्यालय में दाखिला बंद का नोटिस चस्पा होने के बाद लोगों/अभिभावकों में है नाराजगी

ऋषिकेश : केंद्रीय विद्यालय IDPL में पहली कक्षा में इस बार दाखिला बंद कर दिए गए हैं. यानी जिन बच्चों को पहली कक्षा में दाखिला मिलना था वह नहीं मिलेगा. बाकायदा विद्यालय में जानकारी नोटिस भी चस्पा कर दिया है. उसके बाद आम जन परेशान है. मंगलवार को मीरा नगर, २० बीघा व् आस पास के लोग पहुंचे तहसील. SDM से मिलने. SDM तो नहीं मिली लेकिन तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया. मांग दो बिंदु पर आधारित थी. एक दो दाखिले किये जाए पहली कक्षा में. दूसरा विद्यालय का जो भूमि ट्रान्सफर होनी है वह जल्द से जल्द करे. ताकि विद्यालय सुचारू रूप से चल सके. आम जन अपने बच्चों को शिक्षा दिला सकें.
इस मामले में मीरा नगर की पूर्व पार्षद सुंदरी कंडवाल के नेतृत्व में कई लोग पहुंचे थे तहसील. इस दौरान, कंडवाल ने नेशनल वाणी (हिंदी) से बात करते हुए बताया, हमने काफी समय से इस विद्यालय के बारे में पत्राचार, मुलाकात करते आये हैं. लेकिन इस बार पहली कक्षा में दाखिला बंद होने की जानकारी मिलने के बाद हमें आशंका है यह बंद न हो जाये कहीं …हमारे शहर के बच्चे कहाँ जायेंगे ? सरकार इस बारे में संज्ञान ले…जल्द से जल. इसलिए हम आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को हमने यह ज्ञापन तहसीलदार /SDM के माध्यम से भिजवाया है. कंडवाल ने बताया, मुख्यमंत्री ने निकाय चुनाव के समय यहाँ जनसभा को संबोधित करते हुए घोषणा की थी हम केंद्र सरकार से इस मामले में बात करेंगे. विद्यालय बंद नहीं होगा. जो भी समस्या है वह सोल्व हो जाएगी. इसके अलावा उन्हूने कहा, 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत को ज्ञापन सौंपा था. विद्यालय बंद न हो. तत्कालीन डीएम को ज्ञापन सौंपा था. फिर 13 जुलाई 2014 को भूमि का निरीक्षण लेखपाल, तहसीलदार द्वारा निरीक्षण कर डीएम को रिपोर्ट सौंप दी गयी थी. 13 जुलाई 2021 को हरिद्वार के सांसद रमेश पोखरियाल निशंक को भी मेरे द्वारा एक प्रतिनिधि मंडल को ले जाकर के एक ज्ञापन दे दिया गया था. उसके बाद 14. 11. 2024 को वन मंत्री सुबोध उनियाल से भी मुलाकात की गई थी. उनको भी एक पत्र के माध्यम से केंद्रीय विद्यालय की स्थिति के बारे में अवगत कराया गया था. इसमें से भी हम एक प्रतिनिधिमंडल जाकर उनसे मिले थे. 14. 8. 2019 को क्षेत्रीय विधायक और तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल को भी ज्ञापन सौंपा था. इसके अलावा भी कई बार और कई बार इन्हीं लोगों से हम पुनः मिले हैं. तहसील परिसर में इस दौरान दरबान सिंह बिष्ट, सुनीता कपरवान, माया घले, निर्मला भट्ट, सोमल सिंह रावत, राजेश्वरी सेमवाल, विनीता बिष्ट, संगीता रावत, देवेश्वरी पुंडीर, प्रतिमा रावत, गुड्डू पाल, उषा जोशी, ममता रावत, गोविंद सिंह चौहान, रमेश सैनी आदि लोग मौजदू रहे.
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नहीं रहे जनप्रतिनिधि गंभीर !
खास बात और चौकाने वाली बात है, इतना गंभीर मामला है, कोई खास हरकत नहीं दिखाई दी जो भी सम्बंधित प्रतिनिधि हैं क्षेत्र के. गली मोहल्ले से लेकर सांसद तक के प्रतिनिधि ने कुछ नहीं किया. कोई काम का क्रेडिट न ले जाए करके…काम के समय इधर उधर होते रहे. कुछ तो अपने नेता से बात बने या न बने वाली स्थित के तहत आगे नहीं गए. किसी के सम्बन्ध नेता से सामान्य हैं इस वजह से नहीं खिसके घरों से… कुछ एक ने एक दो बार पत्राचार किया, फोटो खिंचाई, समाचार पत्रों में छापा…बस हो गयी इतिश्री..लेकिन, यह मुद्दा, आम जन से जुड़ा हुआ है करके किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई. यह दुर्भाग्यपूर्ण है समाज के लिए. अगर गंभीरता दिखाई होती आज पहली कक्षा में दाखिला बंद नहीं होता. आस पास के जो गली मोहल्ले वाले जनप्रतिनिधि हैं वे इधर उधर खिसकते हुए दिखाई दिए….उनकी बातों से भी और उनकी हरकतों से भी और उनकी चाल से भी. दम भर रहे हैं ट्रिपल इंजिन सरकार है.
मुख्यमंत्री की घोषणा जब हुई थी उस खबर का लिंक —
https://nationalvani.com/rishikesh-idpls-kendriya-vidyalaya-kv-will-not-be-closed-chief-minister-dhami/
ऋषिकेश : आईडीपीएल का केंद्रीय विद्यालय (KV) नहीं होगा बंद: मुख्यमंत्री धामी