ऋषिकेश : NCAP की समीक्षा बैठक ली मेयर पासवान ने, सबसे ज्यादा धूल से प्रदूषित हो रही है तीर्थनगरी
NCAP के तहत उत्तराखंड के ३ शहर आते हैं देहरादून, काशीपुर और ऋषिकेश
- वायु प्रदूषण प्रमुख तौर पर ऋषिकेश में पांच वजहों से सामने आ रही है जिसमें डस्ट यानी धूल से सबसे ज्यादा प्रदूषण फ़ैल रहा है
- मेयर ने उठाये अहम सवाल, आल वेदर रोड और रेलवे के जो प्रोजक्ट चल रहे हैं उनके हजारों ट्रक्स राउंड मारते हैं,अब काम लगभग ख़त्म होने को है उसके बाद प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद : मेयर पासवान
- देश भर में NCAP के अंतर्गत 131 शहरों में रैंकिंग में ऋषिकेश 2024 में 14 वें नंबर आया जबकि 2023 में 40वें जगह पर था
- 2026 में केंद्र से नगर निगम RISHIKESH को NCAP के तहत 5 करोड़ 21 लाख रुपये का फंड जारी होगा
ऋषिकेश : शनिवार को यानी दिनांक 28 फरवरी 2026 को नगर निगम ऋषिकेश के महापौर शंभू पासवान द्वारा राष्ट्रीय वायु सुधार कार्यक्रम (NCAP) अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा बैठक ली गई जिसमें विभिन्न विभागों द्वारा प्रतिभाग किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण एवं राष्ट्रीय वायु सुधार कार्यक्रम अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का विवरण उपलब्ध करवाया।
जिन पांच वजह से प्रदूषित हो रही है तीर्थ नगरी ऋषिकेश वे हैं उनमें से चार वजह ये हैं –
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डस्ट यानी धूल उड़ने से जिसका प्रभाव 40% है ऋषिकेश को प्रदूषित करने में
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फिर आता है, ट्रांसपोर्ट यानी वाहनों की आवाजाही, जिसका प्रतिशत है 17% है
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फिर है, घरेलू कूड़ा जलना, जिसका 14 % सहभागिता है प्रदूषण फैलाने में
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फिर आता है, इंडस्ट्रियल यानी फैक्ट्री, उद्योगों से जैसे जेजे ग्लास या ढालवाला इंडस्ट्रियल इलाके से जिसकी सहभागिता है 9% है. हालाँकि यह नगर निगम इलाके में कम है, लेकिन प्रदूषित हवा कहीं न कहीं सीमायें नहीं देखती है. ये ऋषिकेश को प्रदूषित करने पहुँच जाती हैं.

बैठक में नगर आयुक्त द्वारा पीपीपी मोड पर स्थापित किए जा रहे चार्जिंग स्टेशनों की जानकारी दी तथा गोविंद नगर स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड में लिगसी वेस्ट के निस्तारण हेतु की जा रही कार्यवाही से भी अवगत करवाया। नगर आयुक्त द्वारा बताया गया की गोविंद नगर स्थित लिगसी वेस्ट के निस्तारण हेतु डीपीआर शासन से स्वीकृत हो चुकी है शीघ्र निविदा आमंत्रित का कर कार्य को करवाया जाएगा साथ ही यह भीअवगत करवाया गया की अग्रिम माह में नगर निगम ऋषिकेश क्षेत्र अंतर्गत आस्था पथ पर भी ग्रीनरी डेवलपमेंट का कार्य करवाया जाएगा। इसके अतिरिक्त भी NCAP अंतर्गत प्राप्त धनराशि से नगर निगम ऋषिकेश क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न मार्गों पर पेविंग ऑफ शोल्डर के तहत टाइल पटरी से सड़कों के किनारों का निर्माण किया गया है व शहर के विभिन्न शैक्षिक संस्थानों में समय-समय पर कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।




