ऋषिकेश में शुरू हुआ LiDAR ड्रोन सर्वे, मेयर पासवान ने किया शुभारम्भ, जानें मामला

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  • ऋषिकेश में  शुरू हुआ अत्याधुनिक ‘LiDAR ड्रोन सर्वे’, उत्तराखंड में ‘डिजिटल ट्विन’ साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम
  • ऋषिकेश नगर निगम के काम हाई टेक की तरफ बढ़ते हुए, अतिक्रमण पर भी लगेगी लगाम 
ऋषिकेश : शनिवार को  ऋषिकेश में KfW द्वारा वित्तपोषित IUIDR (Integrated Urban Infrastructure Development in Rishikesh) परियोजना के तहत एक अभूतपूर्व तकनीकी पहल का शानदार शुभारंभ किया गया। त्रिवेणी घाट के समीप चंद्रभागा संगम पर अत्याधुनिक ‘LiDAR ड्रोन सर्वे’ का विधिवत उद्घाटन ऋषिकेश के  महापौर  शंभू पासवान के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। पूरे ऋषिकेश शहर के बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने के लिए इतने वृहद स्तर पर इस तरह का हाई-टेक सर्वे पहली बार किया जा रहा है।
LiDAR (Light Detection and Ranging) वर्तमान में दुनिया की सबसे उन्नत और सटीक तकनीकों में से एक है। पिछले कुछ वर्षों में इस तकनीक ने टोपोग्राफिकल डेटा संकलन, 3D बिल्डिंग डिज़ाइन और विभिन्न जटिल शोध कार्यों में अपनी अचूक सटीकता और बेहतरीन गुणवत्ता साबित की है। माननीय महापौर जी की दूरदृष्टि एवं अटूट सहयोग, प्रोग्राम डायरेक्टर श्री अभिषेक रुहेला जी के कुशल दिशा-निर्देशों तथा परियोजना प्रबंधक (Project Manager) ई. जतिन सैनी के बेहतरीन नेतृत्व में, उत्तराखंड में पहली बार ‘डिजिटल ट्विन’ (Digital Twin) के अत्याधुनिक कंसेप्ट को धरातल पर उतारने का यह एक ऐतिहासिक प्रयास है।

मौके पर मौजूद टीम के सदस्य एवं GIS एक्सपर्ट अंकित सिंह ने इस सर्वे की तकनीकी खूबियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि, “LiDAR और ऑब्लिक RGB (Oblique RGB) सर्वे के अद्भुत तालमेल से पूरे ऋषिकेश शहर की प्रत्येक इमारत का फ्लोर-स्तर तक बेहद सटीक 3D मैप तैयार किया जा सकेगा।” उन्होंने आगे बताया कि इस 3D डेटा को भविष्य में हाउसहोल्ड (HH) सर्वे के डेटा के साथ लिंक किया जाएगा। इसके माध्यम से नगर निगम के लिए एक ऐसा रीयल-टाइम अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म विकसित किया जा सकता है, जिससे एकदम सटीक हाउस टैक्स (Property Tax) का आंकलन और वसूली की प्रक्रिया पारदर्शी और बेहद आसान हो जाएगी।इसके अतिरिक्त, यह तकनीक भविष्य के सभी विकास कार्यों की सटीक मॉनिटरिंग, वृहद डेटा संकलन और भविष्य की प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए एक बेहद मजबूत बेसलाइन डेटा तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगी। इस शानदार पहल से ऋषिकेश में स्मार्ट और इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को एक नई दिशा मिलेगी।
क्या होता है LiDAR ड्रोन सर्वे  ?
LiDAR ड्रोन सर्वे में लेज़र स्कैनर से लैस ड्रोन का इस्तेमाल करके हाई-डेंसिटी 3D पॉइंट क्लाउड डेटा इकट्ठा किया जाता है। इससे सटीक टोपोग्राफिकल मैपिंग और 3D मॉडलिंग मिलती है, यहाँ तक कि घनी वनस्पति के बीच से भी। यह टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग, माइनिंग, कंस्ट्रक्शन और पर्यावरण से जुड़े प्रोजेक्ट्स के लिए तेज़ी से, सुरक्षित और सटीक डेटा इकट्ठा करने की सुविधा देती है, और अक्सर 5-10 cm तक की सटीकता हासिल करती है।
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