ऋषिकेश में उक्रांद (UKD) की केंद्रीय कार्यकारिणी बैठक में ३६ बिंदु आधारित प्रस्ताव पारित हुए, जानें
सबसे बड़ी और सबसे पुरानी क्षेत्रीय पार्टी है उत्तराखंड क्रांति दल (UKD)

ऋषिकेश : उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) का रविवार को श्यामपुर में एक फार्म हाउस में केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई. जिसमें प्रदेश भर से पदाधिकारी पहुंचे थे. जिसमें काशी सिंह ऐरी भी थे. केंद्रीय अध्यक्ष सुरेन्द्र कुकरेती भी मौजूद रहे. पार्टी के बरिष्ठ नेता मोहन सिंह असवाल ने जानकारी देते हुए बताया, बैठक में कई अहम राजनीतिक प्रस्ताव पारित किये गए. जिसमें ३६ बिंदु आधारित प्रस्ताव हैं जो आगामी विधानसभा चुनाव को देखें तो एक तरह से दिशा देंगे पार्टी को…..36 बिंदु निम्न प्रकार से हैं.
राजनीतिक प्रस्ताव निम्न प्रकार हैः
1. उत्तराखंड की स्थाई राजधानी गैरसैंण (चंद्र नगर) षीघ्र घोशित हो।
2. प्रदेष में जन अनुरूप एक सम्मान सशक्त भू-कानून लागू हो।
3. प्रदेष में मूल निवास 1950 लागू किया जाए।
4. 21 वीं सदी की शिक्षा प्रदान करना तथा प्रत्येक ब्लॉक में एक निशुल्क आधुनिक बोर्डिंग स्कूल बनाने का संकल्प।
5. प्रदेष में ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य सेवा बेहतर करना।
6. महिला सषक्तिकरण एवं बाल विकास कल्याण की विभिन्न योजनाएं लागू की जाए।
7. 200 यूनिट की बिजली आवासीय प्रयोजन हेतु मुफ्त प्रदान की जाए।
8. किसानों को मुफ्त सिंचाई की व्यवस्था प्रदान की जाए एवं सिंचाई हेतु निषुल्क विद्युत व्यवस्था हो।
9. बड़े बांधों का विरोध लेकिन बहते पानी पर बनने वाले छोटे बांधों के पक्षधर।
10. प्रदेष में जंगली जानवरों के आतंक से लोग खेती किसानी छोड़ने को मजबूर हो गए है, जंगली जानवरों से हो रहे जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए कारगर उपाय किए जाए।
11. प्रत्येक परिवार से एक व्यक्ति को रोजगार प्रदान करना।
12. पर्यटन विकास तथा समस्त सीमांत क्षेत्रों को धारचूला से यमुनोत्री तक जोड़ने के लिए सड़क निर्माण।
13. प्रदेश के अस्पतालों में पी0पी0पी0 मोड व्यवस्था तुरंत समाप्त कर सरकार अपने अधीन ही अस्पतालों का संचालन करें।
14. प्रदेश के सभी विभागों में नियुक्ति हेतु लागू आउट सोर्सिंग व्यवस्था तुरंत समाप्त की जाए तथा रिक्त पदों पर सीधी भर्ती सुनिश्चित की जाए व अब तक नियुक्त सभी कार्मिकों को नियमित किया जाए।
15. युवाओं को बेरोजगारी भत्ता न्यूतम रूपये 2500 लागू हो।
16. निजि संस्थानों में मूल निवासियों के लिए 70 प्रतिषत रोजगार सुनिष्चित किये जाए।
17. उत्तराखंड में बाहर से आने वाले वाहनो पर ग्रीन टैक्स का प्रावधान किया जाए ताकि प्रदेष की आर्थिक व्यवस्था बेहतर हो सके।
18. उद्यान विभाग को मजबूत कर सामूहिक फल पट्टियां विकसित करना।
19. सौर ऊर्जा कार्यक्रम को प्रोत्साहित करना तथा अतिरिक्त ऊर्जा पैदा करने के उपाय सुनिष्चित किये जाए।
20. पहाड को ध्यान में रखते हुए ऊन उद्योग को और अधिक विकसित करने पर जोर ताकि आर्थिकी मजबूत हो सके।
21. रिंगाल/बांस को प्रोत्साहन प्रदान करना।
22. राज्य बनने से लेकर अब तक किये गए सभी भ्रश्टाचार एवं घोटालो की जांच सार्वजनिक की जाय एवं दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही की जाए।
23. प्रदेश की इस विशम भौगोलिक परिस्थिति, सामाजिक, आर्थिक परिस्थिति तथा लगातार हो रहे पलायन को देते हुए संपूर्ण प्रदेश के मूल निवासियों को राष्ट्रीय स्तर पर नौकरियों में विशेष आरक्षण प्रदान किया जाना।
24. पर्वतीय क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर चिकित्सा एवं व्यवसायिक संस्थानों को स्थापित किया जाए।
25. प्रदेश में डिग्री एवं डिप्लोमा धारी युवाओं जैसें सी0पी0एड0, वी0पी0एड0, डी0पी0एड0, योग प्रषिक्षक, वी0एड0, और फार्मेसिस्ट आदि को शीघ्र नियुक्ति प्रदान की जाए।
26. प्रदेश में लंबे समय से लंबित भूमि व्यवस्था के लिए नई भूमि बंदोबस्त एवं चकबंदी व्यवस्था लागू की जाए।
27. ब्लॉक प्रमुखों एवं जिला पंचायत अध्यक्षों का चुनाव प्रत्यक्ष मतदान द्वारा कराया जाए।
28. पहाड़ी क्षेत्रों में पारम्परिक खेती एंव पशुपालन करने वाले किसानों को रोजगारी गेरेन्टी के तहत 200 रूपये प्रतिदिन दिये जाए जिससे पारम्परिक खेती को बचाया जा सके एवं पलायन पर रोक लग सके।
29. प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी लागू की जाएगी।
30. स्न्ब्ब् एवं जनशक्ति समिति के ठगी पीड़ितों का जमा पैसा वापस दिलाया जाए।
31. न्ब्ब् के अंतर्गत प्रावधान लिव-इन रिलेशनशिप खत्म किया जाए।
32. चिन्हित आंदोलनकारी को राज्य निर्माण सेनानी का दर्जा दिया जाएगा।
33. स्वास्थ्य का अधिकार लागू किया जाएगा।
34. प्रदेश के जंगलों में लगने वाली वनाग्नि से कारगर बचाऊ हेतु ग्राम स्तर पर वन रक्षक स्वयं सेवक की नियुक्ति एवं उनको नियमित मानदेय देनी की व्यवस्था
35. प्रदेष में विधानसभाओं का परिसिमन विशम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए क्षेत्रफल के आधार पर सुनिष्चित किया जाए।
36. उत्तर प्रदेष के स्वामित्व वाली परिसंपत्तियों पर पुनः विचार कर समस्त परिसंपत्तियों को तुरंत उत्तराखण्ड में नीहित किया जाए।
इस दौरान जो मौजूद रहे अहम नेता, पदाधिकारी उनके नाम हैं, केंद्रीय अध्यक्ष सुरेन्द्र कुकरेती, कशी सिंह ऐरी, संरक्षक और पूर्व विधायक, नारायण सिंह जन्तवाल, संरक्षक व् पूर्व विधायक, पुष्पेश त्रिपाठी, पूर्व विधायक, डॉक्टर शक्ति शैल कपरुवान, संरक्षक, खड़क सिंह बगड़वाल, संरक्षक, मोहन सिंह अस्वल, संयोजक, बहादुर सिंह रावत, संयोजक, विजय बौड़ाई, सञ्चालन, महामंत्री, राजेंद्र बिष्ट, सञ्चालन महामंत्री, इसके अलावा कार्यकारी अध्यक्ष पंकज व्यास, जय प्रकाश उपाध्यक्ष, ब्रज मोहन सजवाण, महामंत्री, देवेन्द्र चमोली, महामंत्री व् सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे.



