झारखण्ड के हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा की देहरादून में गोली मार कर हत्या

- बड़ा सवाल इस तरह के हिस्ट्री शीटर उत्तराखंड में एंट्री करने के बाद इन पर पुलिस की नजर क्योँ नहीं रही ?
- इस तरह के आपराधिक ब्यक्ति यहाँ पर बिजनेस /काम धंधे कर रहे हैं ? माहौल खराब करने के लिए !
- उत्तराखंड को क्या बनाना चाहते हैं ? ऐसे में अपराधी, शूटर, गोलीबाज यहाँ कैसे घूम रहे हैं ?
- खुफिया विभाग क्या कर रहा था ? ऐसे आपराधिक लोग मरने वाले और मारने वाले दोनों तरह के, इनका देवभूमि में क्या काम ?
- सरकार को इस विषय पर गंभीरता से सोचना चाहिए और एक्शन लेना चाहिए ऐसे लोगों के खिलाफ
देहरादून: राजधानी देहरादून की शांत वादियाँ गोलियों से गूंज उठा….मामला शुक्रवार सुबह का है. झारखण्ड के जमशेदपुर का रहने वाला हिस्ट्री शीटर विक्रम शर्मा की हत्या कर दी गयी. गोली मार कर. तीन बाइक सवार हमलावर आये. जिम से बाहर आ रहे विक्रम शर्मा की हत्या कर दी. विक्रम झारखण्ड का हिस्ट्री शीटर है. बताया गया, उस पर झारखण्ड में 50 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं. काशीपुर में उसका स्टोन क्रेशर भी बताया जा रहा है…पुलिस इसे गैंगवार या आपसी रंजिश के एंगल से भी देख रही है. बताया गया २०२५ से वह इस जिम में आ रहा है. लेकिन बड़ा सवाल इतना बड़ा हिस्ट्री शीटर की जानकारी पुलिस को क्योँ नहीं थी ? उसका स्टोन क्रेशर भी बताया जा रहा है उत्तराखंड में…
हमलावर सिल्वर सिटी मॉल पहुंचे. दो बदमाशों मॉल के बाहर खड़े हुए और तीसरा बाइक पर उनका इंतजार. अचानक से उन दोनों बदमाशों ने मॉल में संचालित जिम से बाहर आते एक शख्स पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाना शुरू कर दिया. उस शख्स को संभलने तक का मौका नहीं मिला. विक्रम के पास लाइसेंसी पिस्तौल भी थी. लेकिन उसे संभलने का मौका ही नहीं मिला. आईजी गढ़वाल, एसएसपी सहित पूरी फोर्स घटनास्थल पर पहुंची. घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाने की कार्रवाई हुई लेकिन तबतक वो दम तोड़ चुका था. जांच हुई को पता चला कि मृतक व्यक्ति का नाम विक्रम शर्मा है. मूल रूप से वो झारखंड के जमशेदपुर का रहने वाला है लेकिन फिलहाल राजधानी में ही रह रहा था… कई आपराधिक गतिविधियों में उसका नाम था.
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि, विक्रम शर्मा मूल रूप से झारखंड का रहने वाला था. उत्तराखंड के काशीपुर में उसका स्टोन क्रशर का कारोबार था. इसके अलावा भी वह कई अन्य व्यवसायों से जुड़ा हुआ था. चौंकाने वाली बात यह है कि विक्रम पर झारखंड में हत्या, वसूली और अन्य गंभीर धाराओं में 50 से अधिक मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं. ऐसी जानकारी मिल रही है कि उसके कई बड़े गैंगस्टर से भी संबंध रहे हैं. ऐसे में इस वारदात को आपसी रंजिश या गैंगवार के एंगल से भी देखा जा रहा है.



