ऋषिकेश में 26 फ़रवरी को खेली जाएगी फूलों की होली: अशोक थापा

ऋषिकेश : होली का पर्व केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि हमारी परंपराओं, आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक है। होली से पूर्व कई धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जो इस पर्व की गरिमा और उल्लास को और भी बढ़ा देते हैं।पवित्र नगरी ऋषिकेश में भी होली से पहले विविध कार्यक्रमों की परंपरा रही है। इन दिनों मंदिरों में भजन-कीर्तन, सत्संग, हवन-पूजन और फाग गीतों का आयोजन किया जाता है। कई स्थानों पर फूलों की होली, महिला मंगल दलों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और समाजिक बैठकों के माध्यम से पर्व की तैयारियों पर चर्चा होती है।
होली से पहले होने वाले प्रमुख कार्यक्रमों में आगामी 26 फ़रवरी (अगले गुरुवार) को होल वाली फूलों की होली पर चर्चा की जाएगी , इन आयोजनों का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना ही नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, भाईचारा और सौहार्द का संदेश देना भी है।आज श्री शिरडी साईं धाम ऋषिकेश में भी होली पूर्व आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को लेकर चर्चा प्रस्तावित है। इस चर्चा में परंपराओं को सुरक्षित रखने, नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने तथा पर्व को शांतिपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण ढंग से मनाने पर विचार किया जाएगा।होली हमें बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देती है। ऐसे में पूर्व आयोजित कार्यक्रम न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि सामाजिक समरसता को भी सुदृढ़ करते हैं। आइए, हम सभी मिलकर इन परंपराओं को आगे बढ़ाएँ और इस पावन पर्व को प्रेम, उल्लास और सद्भाव के साथ मनाएँ।रंगों का यह उत्सव सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए — यही कामना है।
आज के कार्यक्रम –
काकड़ आरती : प्रातः 6:00 बजे
श्रृंगार आरती : प्रातः 7:00 बजे
मध्याह्न आरती : दोपहर 12:00 बजे
साईं भंडारा : दोपहर 12:30 बजे
साईं संध्या : सायं 5:30 से 8:30 बजे
सायंकालीन आरती : सायं 6:30 बजे
शेज आरती : रात्रि 8:30 बजे



