पिथौरागढ़ : हिमोथान परियोजना की जिला स्तरीय समन्वय समिति (DLCC) की बैठक सम्पन्न

- पिथौरागढ़ में आजीविका, जल संरक्षण एवं महिला सशक्तिकरण पर व्यापक समीक्षा
जनपद पिथौरागढ़ में जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में हिमोत्थान सोसाइटी (Tata Trusts की एक पहल) द्वारा संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा हेतु जिला स्तरीय समन्वय समिति (DLCC) की प्रथम बैठक आयोजित की गई। बैठक में हिमोत्थान परियोजना की अवधारणा, कार्यप्रणाली एवं जनपद में प्राप्त उपलब्धियों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण एवं विचार-विमर्श किया गया।हिमोत्थान सोसाइटी उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश एवं लद्दाख के पर्वतीय क्षेत्रों में ग्रामीण समुदायों के समग्र एवं सतत विकास हेतु कार्यरत है। संस्था का उद्देश्य खुशहाल, आत्मनिर्भर एवं पर्यावरण के साथ संतुलित जीवन जीने वाली पहाड़ी समुदायों का निर्माण करना है।
पिथौरागढ़ में कार्यक्षेत्र-
जनपद के 05 विकासखंड — बेरीनाग, बिन, धारचूला, गंगोलीहाट एवं मुनस्यारी — के 372 गांवों के 6079 परिवारों के साथ हिमोत्थान आजीविका, जल, कृषि, पशुधन एवं सामुदायिक सशक्तिकरण से संबंधित कार्यक्रम संचालित कर रहा है।
प्रमुख परियोजनाएँ एवं उपलब्धियाँ-
GiLU एवं USRLM – महिला सशक्तिकरण एवं वित्तीय समावेशन…Uttarakhand State Rural Livelihood Mission के सहयोग से स्वयं सहायता समूहों को सशक्त कर महिला नेतृत्व आधारित संस्थाओं को मजबूत किया गया।लक्ष्मी स्वायत्त सहकारिता का टर्नओवर (अप्रैल–दिसंबर 2025) ₹33.45 लाख.डेयरी, मसाला, बेकरी एवं नर्सरी इकाइयों की स्थापना.65 किसानों को डेयरी, 10 को पोल्ट्री एवं 15 को बकरी शेड से लाभ.*MHAI एवं SLP – कृषि आधारित आजीविका सुदृढ़ीकरण.मुनस्यारी ब्लॉक के 64 गांवों के 396 परिवार लाभान्वित..50 क्विंटल आलू बीज उत्पादन से 185 क्विंटल प्रमाणित बीज तैयार…नंदा देवी सहकारिता का वार्षिक टर्नओवर ₹43.06 लाख
- ₹13.50 लाख का सामुदायिक फंड संग्रह
- सिंचाई संरचनाओं एवं जैविक खेती को बढ़ावा
- CHLI-II – पशुधन आधारित उद्यम विकास
- 4 ब्लॉकों में 5 सहकारिताओं द्वारा डेयरी एवं पशुधन व्यवसाय संचालित
- 134 गांवों के 5122 ग्रामीण लाभान्वित
- 12 हेक्टेयर वन पंचायत क्षेत्र में चारा विकास
- 5 पैरा-वेट को रोजगार (औसत मासिक आय ₹10,000–20,000)
- JJM एवं स्प्रिंगशेड प्रबंधन (SRTT)-Jal Jeevan Mission के अंतर्गत गंगोलीहाट ब्लॉक में स्प्रिंगशेड प्रबंधन एवं O&M पहलें संचालित —
- 16 गांवों के 927 परिवार लाभान्वित
- 13 सोक पिट का निर्माण
- 210 VWSC/WQMSC सदस्यों को प्रशिक्षण
- जल गुणवत्ता परीक्षण एवं जनजागरूकता अभियान
- संगठन का विज़न एवं मिशन
विजन: खुशहाल एवं आत्मनिर्भर पहाड़ी समुदायों का निर्माण।मिशन: सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ग्रामीण समुदायों की जीवन गुणवत्ता एवं पारिस्थितिक संतुलन में सुधार।हिमोत्थान चार प्रमुख वर्टिकल — पानी, ग्रामीण उत्थान कार्यक्रम, शिक्षा एवं समुदाय सशक्तिकरण — के माध्यम से क्लस्टर आधारित समेकित विकास मॉडल पर कार्य कर रहा है।बैठक में हिमोत्थान द्वारा संचालित परियोजनाओं की सराहना करते हुए विभागीय समन्वय एवं अभिसरण (Convergence) को और सुदृढ़ करने पर बल दिया गया। आजीविका संवर्धन, जल सुरक्षा, कृषि उत्पादकता एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में प्राप्त उपलब्धियों को भविष्य की रणनीति हेतु महत्वपूर्ण आधार बताया गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी, परियोजना निदेशक DRDA आशीष पुनेठा, जिला विकास अधिकारी रमा गोस्वामी, मुख्य कृषि अधिकारी अमरेंद्र चौधरी, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. योगेश शर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी तरुण पंत सहित ग्रामोथान टीम एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।जनपद पिथौरागढ़ में हिमोत्थान की पहलें पर्वतीय विकास के एक सशक्त मॉडल के रूप में उभर रही हैं, जो आत्मनिर्भर पहाड़ के विज़न को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही हैं।



