दिल्ली :’भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष व सांसद राज्यसभा डा. नरेश बंसल ने राज्यसभा मे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के मिशन वात्सल्य संबंधित प्रश्न किया, जानें
नई दिल्ली : ’भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष व सांसद राज्यसभा डा. नरेश बंसल ने राज्यसभा मे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के मिशन वात्सल्य संबंधित प्रश्न किया, जानें उन्हूने कौन से प्रश्न किया और क्या जवाब मिला ?
डा. नरेश बंसल ने कहा किः-
क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे किः-
क- बच्चों की देखभाल को संस्थागत रूप देने के विकल्प के रूप में परिवार आधारित गैर संस्थागत देखभाल को प्रोत्साहित करने हेतु मिशन वात्सल्य के अंतर्गत उठाए गए उपायों का ब्यौरा क्या है
ख- अब तक स्थापित वात्सल्य सदन का राज्य वार/संघ राज्य क्षेत्र वार ब्यौरा क्या है और
ग- लापता बच्चों का पता लगाने और मामलों के प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए ट्रैक चाइल्ड पोर्टल और मिशन वात्सल्य पोर्टल के एकीकरण तथा उनके प्रभावी उपयोग में अब तक हुई प्रगति का ब्यौरा क्या है?
इस महत्वपूर्ण प्रश्न के उत्तर मे महिला एवं बाल विकास मंत्री सावित्री ठाकुर ने बताया किः-
क- यह मंत्रालय, राज्य और संघ राज्य क्षेत्रों की सरकारों के माध्यम से एक केंद्र प्रायोजित योजना मिशन वात्सल्य कार्यान्वित कर रहा है ताकि देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों (सीएनसीपी) के साथ-साथ विधि का उल्लंघन करने वाले बच्चों (सीसीएल) के लिए विभिन्न सेवाएं प्रदान की जा सकें। इन सेवाओं में संस्थागत देखरेख और गैर संस्थागत देखरेख शामिल है।
मिशन वात्सल्य, कठिन परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों की परिवार आधारित गैर-संस्थागत देखरेख को बढ़ावा देता है, जो अंतिम उपाय के रूप में बच्चों को संस्थागत देखरेख मंे रखने के सिद्धांत पर आधारित है। गैर-संस्थागत देखरेख के तहत, बच्चों को प्रायोजन, पालन पोषण देखरेख, दत्तक ग्रहण और पश्चात देखरेख के माध्यम से सहायता दी जाती है। यह योजना गैर-संस्थागत देखरेख (प्रायोजन/पालन-पोषण देखरेख/पश्चात देखरेख) के लिए पात्र बच्चों को प्रतिमाह 4000 रूपये देती है।
ख- अब तक इस मंत्रालय ने मिशन वात्सल्य के अंतर्गत राज्य एवं संघ राज्य क्षेत्रों की सरकारों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर देशभर में कुल 69 वात्सल्य सदनों को मंजूरी दी है। इन वात्सल्य सदनों का राज्य एवं संघ राज्य क्षेत्र वार ब्यौरा अनुलग्नक में दिया गया है।
ग- मंत्रालय ने राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के परामर्श और ताल-मेल से एकीकृत समरूप मिशन वात्सल्य पोर्टल तैयार किया है। लापता/पाए गए बच्चों के लिए ट्रैक चाइल्ड पोर्टल, लापता/देखे गए बच्चों के लिए खोया-पाया एप्लीकेशन और दत्तक ग्रहण के लिए केयरिंग्स पोर्टल को इस समरूप मिशन वात्सल्य पोर्टल के साथ एकीकृत किया गया है। ट्रैक चाइल्ड पोर्टल विभिन्न हितधारकों जैसे गृह मंत्रालय, रेल मंत्रालय, राज्य सरकारों और संघ राज्य क्षेत्र प्रशासनों, बाल कल्याण समितियों, किशोर न्याय बोर्डों राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण इत्यादि के सहयोग और भागीदारी से कार्यान्वित किया जाता है। इस संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया जारी की गई है। सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों एवं अन्य हितधारकों को ट्रैक चाइल्ड के कार्यान्वयन के बारे में दिशा-निर्देश (एडवाइजरी) जारी किए गए हैं। यह गृह मंत्रालय के क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग एंड नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) के साथ भी एकीकृत है, जिसमें लापता बच्चों के बारे में दर्ज प्राथमिकी (एफआईआर) को ट्रैक चाइल्ड के आंकडों से मिलान करने में परस्पर सहूलियत रहती है और संबंधित राज्य और संघ राज्य क्षेत्र पुलिस द्वारा पता लगाए गए और गुमशुदा बच्चों की संख्या का मिलान करना सरल होता है। इसके अलावा, खोया-पाया माॅड्यूल के माध्यम से कोई भी नागरिक किसी भी लापता या देखे गए बच्चों के बारे में सूचना दे सकता है।
इसके अतिरिक्त, इस मंत्रालय ने सभी राज्य और संघ राज्य क्षेत्र सरकारों को लापता बच्चों के लिए राज्य और जिला स्तर पर पदनामित नोडल अधिकारी नियुक्त अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया है। इन नोडल अधिकारियों का ब्यौरा मिशन वात्सल्य पोर्टल पर अपलोड किया गया है। गृह मंत्रालय ने मिशन वात्सल्य के संबंध में राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के नोडल अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने और लापता बच्चों के बारे में राज्यों तथा संघ राज्य क्षेत्रों से आंकडें एकत्र करने के लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति भी की है।



