सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत और जिला पुस्तकालय की डिजिटल व्यवस्थाओं को-UKSSSC ग्रुप-C परीक्षा के सफल अभ्यर्थी विपिन जोगियाल
ऋषिकेश के पास MIT से पास की इंजीनियरिंग, दो बार असफल रहे परीक्षा में फिर भी नहीं मानी हार

- विपिन जोगियाल ने पास की UKSSSC ग्रुप-C की लिखित परीक्षा
- असफलता से हार न मानने वाले ही अपने सपनों को सच्च साबित करते हैं-विपिन जोगियाल
टिहरी : राज्य सरकार और जिला प्रशासन के प्रयासों से 100 साल से अधिक पुराने श्रीदेव सुमन जिला राजकीय पुस्तकालय के कायाकल्प होने से जहां पुस्तकालय में छात्र-छात्राओं की संख्या मंे बढ़ोत्तरी हो रही है। वहीं पुस्तकालय में की गई समस्त व्यवस्थाएं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए उपयोगी सिद्ध हो रही हैं तथा युवाओं को परीक्षाओं में सफलता प्राप्त हो रही है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि मा. मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रत्येक जनपद में लर्निंग सेंटरों को आधुनिक पुस्तकालय के रूप में विकसित करने के निर्देश दिये गये हैं। उक्त के अनुपालन में पिछले दो साल से जनपद मुख्यालय बोराड़ी नई टिहरी स्थित श्रीदेव सुमन जिला राजकीय पुस्तकालय का जीर्णाेद्धार कार्य शुरू किया। अब आधुनिक उपकरणों से लेस पुस्तकालय में धीरे-धीरे बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि जनपद के विभिन्न ब्लॉक में भी पुस्तकालयों को विकसित किया गया है।जनपद टिहरी गढ़वाल के ढुंगीधार गांव निवासी विपिन जोगियाल ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ग्रुप-सी की परीक्षा पास कर अपने माता-पिता एवं गांव का नाम रोशन किया है। इस सफलता का श्रेय उन्होंने कड़ी मेहनत, जिला पुस्तकालय की डिजिटल व्यवस्थाओं तथा अपने माता-पिता को दिया है। उन्होंने असफलता के दौर से सफलता की एक संघर्षपूर्ण कहानी लिखी है। लगातार दो बार असफल होने के बावजूद विपिन ने हार नहीं मानी और तीसरे प्रयास में यूकेएसएसएससी ग्रुप-सी की लिखित परीक्षा पास कर ऐसे युवाओं के लिए मिसला पेश की जो छोटी-छोटी असफलताओं से हार मान जाते हैं।
विपिन जोगियाल की सफलता से उनके पिता सोबन जोगियाल व माता दिला देवी के साथ ही पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। विपिन ने बताया कि उनका दस्तावेज सत्यापन का कार्य बाकी है। आयोग से फाइनल कॉल और दस्तावेज सत्यापन पूर्ण रूप से पुष्टि के बाद ही उनका चयन सिंचाई विभाग में मान चित्रकार सिविल के तौर पर होगा। दो बार प्रतियोगी परीक्षा में कुछ अंकों से बाहर हो जाने के बाद भी विपिन अपने सपनों की उड़ान के लिए डटे रहे। बचपन से ही उनका सपना जनता की सेवा करने का था, जिसके लिए उन्हें एक अच्छे प्लेटफार्म की जरूरत थी। इसके लिए उन्होंने यूकेएसएसएससी/यूपीएससी को चुना।उन्होंने बताया कि गत वर्ष नई टिहरी बौराडी स्थित हाईटेक श्रीदेव सुमन जिला पुस्तकालय में ऑनलाइन किताबों के माध्यम से इंटरनेट और वाई-फाई की कनेक्टिविटी के साथ अपनी परीक्षाओं की तैयारी की। इसका परिणाम उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की लिखित परीक्षा में सफलता के तौर पर देखने को मिला।प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन द्वारा ऐतिहासिक कदम उठाते हुए श्रीदेव सुमन जिला पुस्तकालय के नवीनीकरण को लेकर धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्हांेने पुस्तकालय की डिजिटल व्यवस्थाओं को अपनी सफलता का हिस्सा बताते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बहुत उपयोगी बताया। 
असफलता से लिखी सफलता की कहानी–
उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की लिखित परीक्षा में पास हुए विपिन जोगियाल ने अपनी असफलता को ही अपनी सफलता बताया। उन्होंने वर्ष 2017 में ऋषिकेश स्थित मॉडर्न इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी [ढालवाला] से सिविल इंजीनियरिंग का कोर्स किया। उसके बाद स्नातक पूर्ण किया। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी 2017 से शुरू कर दी थी। वर्ष 2023 में उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के इंटरव्यू कैंसिल होने के बाद उनका सपना पहले पर्यत्न में असफल रहा। उसके बाद वर्ष 2024 में उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की लिखित परीक्षा में कुछ अंकों से रह गए। बताया कि दो बार असफल होने के बाद 2025 के यूकेएसएसएससी ग्रुप सी परीक्षा में उन्हें सफलता मिली है।
विपिन की मेहनत को लाइब्रेरी प्रभारी ने भी सराहा-
श्रीदेव सुमन जिला पुस्तकालय की लाइब्रेरी प्रभारी सुभद्रा नेगी ने बताया कि विपिन जोगियाल ने अगस्त 2024 से लाइब्रेरी में आना शुरू किया। वह अपने समय के अनुसार नियमित पुस्तकालय में आकर लाइब्रेरी की सभी ऑनलाइन रजिस्टर्ड किताबों और इंटरनेट की व्यवस्थाओं का लाभ लेकर अपनी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते थे। बताया कि पुस्तकालय के नवीनीकरण के बाद पुस्तकालय में दिन प्रतिदिन छात्रों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। जिला प्रशासन द्वारा पुस्तकालय में छात्र-छात्राओं के लिए सभी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिसके चलते पुस्तकालय में आकर तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए आगामी दिनों में प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हांसिल करने की सम्भावनाएं बढ़ गई है।
टिहरी : राज्य सरकार और जिला प्रशासन के प्रयासों से 100 साल से अधिक पुराने श्रीदेव सुमन जिला राजकीय पुस्तकालय के कायाकल्प होने से जहां पुस्तकालय में छात्र-छात्राओं की संख्या मंे बढ़ोत्तरी हो रही है। वहीं पुस्तकालय में की गई समस्त व्यवस्थाएं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए उपयोगी सिद्ध हो रही हैं तथा युवाओं को परीक्षाओं में सफलता प्राप्त हो रही है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि मा. मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रत्येक जनपद में लर्निंग सेंटरों को आधुनिक पुस्तकालय के रूप में विकसित करने के निर्देश दिये गये हैं। उक्त के अनुपालन में पिछले दो साल से जनपद मुख्यालय बोराड़ी नई टिहरी स्थित श्रीदेव सुमन जिला राजकीय पुस्तकालय का जीर्णाेद्धार कार्य शुरू किया। अब आधुनिक उपकरणों से लेस पुस्तकालय में धीरे-धीरे बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि जनपद के विभिन्न ब्लॉक में भी पुस्तकालयों को विकसित किया गया है।जनपद टिहरी गढ़वाल के ढुंगीधार गांव निवासी विपिन जोगियाल ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ग्रुप-सी की परीक्षा पास कर अपने माता-पिता एवं गांव का नाम रोशन किया है। इस सफलता का श्रेय उन्होंने कड़ी मेहनत, जिला पुस्तकालय की डिजिटल व्यवस्थाओं तथा अपने माता-पिता को दिया है। उन्होंने असफलता के दौर से सफलता की एक संघर्षपूर्ण कहानी लिखी है। लगातार दो बार असफल होने के बावजूद विपिन ने हार नहीं मानी और तीसरे प्रयास में यूकेएसएसएससी ग्रुप-सी की लिखित परीक्षा पास कर ऐसे युवाओं के लिए मिसला पेश की जो छोटी-छोटी असफलताओं से हार मान जाते हैं।
विपिन जोगियाल की सफलता से उनके पिता सोबन जोगियाल व माता दिला देवी के साथ ही पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। विपिन ने बताया कि उनका दस्तावेज सत्यापन का कार्य बाकी है। आयोग से फाइनल कॉल और दस्तावेज सत्यापन पूर्ण रूप से पुष्टि के बाद ही उनका चयन सिंचाई विभाग में मान चित्रकार सिविल के तौर पर होगा। दो बार प्रतियोगी परीक्षा में कुछ अंकों से बाहर हो जाने के बाद भी विपिन अपने सपनों की उड़ान के लिए डटे रहे। बचपन से ही उनका सपना जनता की सेवा करने का था, जिसके लिए उन्हें एक अच्छे प्लेटफार्म की जरूरत थी। इसके लिए उन्होंने यूकेएसएसएससी/यूपीएससी को चुना।उन्होंने बताया कि गत वर्ष नई टिहरी बौराडी स्थित हाईटेक श्रीदेव सुमन जिला पुस्तकालय में ऑनलाइन किताबों के माध्यम से इंटरनेट और वाई-फाई की कनेक्टिविटी के साथ अपनी परीक्षाओं की तैयारी की। इसका परिणाम उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की लिखित परीक्षा में सफलता के तौर पर देखने को मिला।प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन द्वारा ऐतिहासिक कदम उठाते हुए श्रीदेव सुमन जिला पुस्तकालय के नवीनीकरण को लेकर धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्हांेने पुस्तकालय की डिजिटल व्यवस्थाओं को अपनी सफलता का हिस्सा बताते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बहुत उपयोगी बताया।



