ऋषिकेश : गढ़ महिला उत्थान समिति के सौजन्य से खैरी कलां से सिद्धपीठ मां कुंजापुरी माता के दर्शन को रवाना हुई महिलाएं

- मातृशक्ति आस्था और संस्कृति की ध्वजवाहक – जयेन्द्र रमोला
ऋषिकेश : रविवार को यानी दिनांक 15/3/2026 को गढ़ महिला उत्थान समिति द्वारा खैरी कलां से सिद्धपीठ मां कुंजापुरी माता के दर्शन हेतु महिलाओं के लिए एक विशेष धार्मिक यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा का शुभारंभ यात्रा संयोजक जयेंद्र रमोला द्वारा ध्वज दिखाकर की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और मां भगवती के जयकारों के साथ यात्रा का शुभारंभ का हुआ।उपाध्यक्ष संगीता राणा ने कहा कि गढ़ महिला उत्थान समिति लगातार महिलाओं को जोड़ने का कार्य कर रही है और समय-समय पर उन्हें देवी-देवताओं के पवित्र धामों के दर्शन कराने का प्रयास भी किया जा रहा है। ऐसी यात्राओं से महिलाओं में आस्था, एकता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आगे भी समिति इसी तरह महिलाओं को धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने का कार्य करती रहेगी।
कांग्रेस नेता जयेंद्र रमोला ने कहा कि गढ़ महिला उत्थान समिति द्वारा निरंतर ऐसे पुण्य और सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं, जिससे महिलाओं को मां भगवती के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है, समाज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें धार्मिक व सामाजिक रूप से सशक्त बनाने का यह एक अच्छा प्रयास है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह समिति आगे भी इसी प्रकार के पुण्य कार्य करती रहेगी और समाज में सकारात्मक संदेश देती रहेगी।
समिति की सचिव कृष्णा जयेंद्र रमोला ने कहा कि गढ़ महिला उत्थान समिति का उद्देश्य महिलाओं को एक मंच पर लाकर संस्कृति, आस्था के साथ साथ स्वरोजगार, आत्मनिर्भरता और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में कार्य किया जा सके। साथ ही समिति महिलाओं को धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने, सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने और समाज में उनकी भूमिका को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
मौके पर समिति की उपाध्यक्ष व ग्राम प्रधान संगीता राणा, खैंरी कलाँ ग्राम प्रधान शबनम, सदस्य उमा ओबेरॉय, ईशा चौहान, पंचायत सदस्य शोभा पंवार, देव सिंह राणा, आनंद रावत, किशोर रांगढ, विजयपाल पंवार, पूर्व उपप्रधान राजेंद्र बिट्टू राणा, पूर्व उपप्रधान रोहित नेगी, निर्मल रागड़, सुभाष नेगी, आज़ाद राणा, जितेंद्र रागड़, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष हिमांशु जाटव सहित बड़ी संख्या मातृशक्ति मौजूद थी ।



