(भावुक) 18 साल के बेटे की मौत के बाद बेटे के साथ उसकी मोटरसाइकिल को भी दफनाया पिता ने, हर कोई रोया देखकर

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एक पिता ने अपना बेटा खोया….18 साल का बेटा.  इससे ज्यादा पिता के लिए दुखद और क्या हो सकता है. जवान बेटा चला गया. बेटे को मोटर साइकिल प्यारी थी. पिता ने मोटर साइकिल को भी दफनाने का फैसला किया. क्यूंकि बेटे को मोटर साइकिल प्यारी थी. उसका चस्मा, कपडे इत्यादि चीजें भी बेटे के साथ दफना दी. यह द्रश्य देख कर हर कोई रोने लगा. गुजरात के   नडियाद की घटना है.  अठारह वर्षीय क्रिश परमार की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी.   क्रिश अपनी बाइक से बहुत प्यार करता था. परिवार ने उसे उसकी बाइक के साथ दफना दिया. क्रिश 26 मई को कॉलेज में रजिस्ट्रेशन कराने गया था. लौटते समय उसकी बाइक ट्रैक्टर से टकरा गई थी. हाल ही उसने 12वीं की परीक्षा पास की थी आगे BCA करना चाहता था.क्रिश परमार नाम था मृतक का. उसके पिता  संजय भाई सुलेमान भाई ने फैसला किया उसकी बाइक को भी दफ़नाने का.  यह हादसा 26 मई को हुआ था …

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क्रिश परमार  26 मई को वह आणंद स्थित कॉलेज में रजिस्ट्रेशन कराने गया था.  लौटते समय रात करीब 8 बजे उसकी बाइक एक ट्रैक्टर ट्रॉली से टकरा गई. टक्कर इतनी भयानक थी कि क्रिश को गंभीर सिर और शारीरिक चोटें आईं. उसे आनन-फानन में लांभवेल रोड के एक मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया. मगर 12 दिन तक जीवन और मौत के बीच जूझने के बाद क्रिश ने शनिवार सुबह दम तोड़ दिया. दुःख की घड़ी में भी परिवार ने उसकी अंतिम इच्छा और पसंद का सम्मान किया. अंतिम संस्कार के दौरान न केवल उसके कपड़े, जूते और चश्मे को उसके साथ दफनाया गया, बल्कि उसकी प्रिय बाइक को भी कब्र में रखा गया. पिता ने बताया उसका बाइक चलाने का जुनून बहुत गहरा था. हमारे पास कार भी थी, लेकिन वह हमेशा बाइक से ही घूमना पसंद करता था. हम चाहते थे कि उसकी वह पसंदीदा चीजें मरने के बाद भी उसके साथ रहें. इसलिए हमने उसकी बाइक को भी उसके साथ दफनाया.

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